कोटा में सरफराज वारसी ने 208 कन्याओं का पूजन कर दिया धार्मिक सद्भाव और सामाजिक समरसता का संदेश
कोटा के आंवली रोजड़ी स्थित राजकीय विद्यालय में एकता सेवा संस्थान के निदेशक सरफराज वारसी ने 208 कन्याओं का पूजन कर उन्हें भोजन, उपहार और दक्षिणा भेंट की। जानिए, इस आयोजन के जरिए उन्होंने धार्मिक सद्भाव और बेटियों के सम्मान का क्या संदेश दिया।
कोटा के आंवली रोजड़ी स्थित राजकीय विद्यालय में एकता सेवा संस्थान द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भोजन करतीं कन्याएं और व्यवस्था संभालते कार्यकर्ता।
कोटा में एकता सेवा संस्थान के निदेशक सरफराज वारसी ने 208 कन्याओं का पूजन कर उन्हें भोजन कराया। आंवली रोजड़ी स्थित राजकीय विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से उन्होंने धार्मिक सौहार्द, आपसी प्रेम, सामाजिक समरसता और बेटियों के सम्मान का संदेश दिया। आयोजन में भारतीय संस्कृति की साझा परंपराओं के प्रति सम्मान की झलक देखने को मिली।
कार्यक्रम के दौरान सरफराज वारसी ने श्रद्धापूर्वक कन्याओं के चरण वंदन किए और उन्हें तिलक लगाया। इसके बाद कन्याओं को हलवा, पूरी, फल और विभिन्न पकवान परोसे गए। उन्हें उपहार एवं दक्षिणा भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया गया।
इस अवसर पर सरफराज वारसी ने कहा कि बेटियां किसी एक धर्म की नहीं, बल्कि पूरे समाज की धरोहर हैं। भारतीय संस्कृति प्रेम, सम्मान और साझा परंपराओं की नींव पर टिकी है। ऐसे आयोजन समाज में अपनत्व बढ़ाने के साथ धार्मिक सद्भाव और मानवीय मूल्यों को मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम की स्थानीय नागरिकों, विद्यालय प्रशासन और गणमान्य लोगों ने सराहना की। इस दौरान एकता सेवा संस्थान के कार्यकर्ता, विद्यालय के शिक्षक और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। सभी ने आयोजन की व्यवस्थाओं में सहयोग किया। 208 कन्याओं के पूजन और भोज के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में सामाजिक एकता, बेटियों के सम्मान और विभिन्न समुदायों के बीच सद्भाव का संदेश सामने आया।