कोटा में 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, डॉ. के.के. पारीक का होगा नागरिक अभिनंदन

कोटा में 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ रथयात्रा के तहत संकीर्तन, भव्य रथयात्रा, महाआरती और डॉ. के.के. पारीक के नागरिक अभिनंदन सहित कई आयोजन होंगे।

Update: 2026-07-08 06:20 GMT

तस्वीर में बाएं से दाएं मंदिर परिसर में मौजूद समाज के सदस्य रथ और चांदी के पालने की साफ-सफाई तथा तैयारियों का निरीक्षण करते हुए दिखाई दे रहे हैं। पीछे भगवान जगन्नाथ के मंदिर का गर्भगृह भी दिखाई दे रहा है।

कोटा में भगवान जगन्नाथ रथयात्रा के पावन पर्व पर 16 जुलाई को श्री पारीक पंचायत, कोटा के तत्वावधान में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम के तहत संकीर्तन, भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, महाआरती, नागरिक अभिनंदन और महाप्रसाद (स्नेहभोज) सहित विभिन्न आयोजन होंगे। समाज की ओर से कार्यक्रम की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।

पंचायत के प्रवक्ता राहुल पारीक ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत दोपहर 2 बजे संकीर्तन से होगी। इसके बाद सायं 5 बजे भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा श्रीपुरा स्थित मंदिर से प्रारंभ होकर कैथूनीपोल, लाल बुर्ज और सुभाष सर्किल मार्ग से होते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुंचेगी। रथयात्रा के समापन के बाद सायं 7 बजे भगवान जगन्नाथ की महाआरती आयोजित की जाएगी।

महामंत्री अशोक पारीक ने बताया कि रात्रि 8 बजे समाज की ओर से वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. के.के. पारीक का नागरिक अभिनंदन किया जाएगा। उन्हें क्लिनिकल कार्डियोलॉजिस्ट्स एंड डायबिटोलॉजिस्ट्स सोसायटी ऑफ इंडिया (CCDSI) के यूके चैप्टर का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि केवल समाज ही नहीं, बल्कि कोटा शहर के लिए भी गौरव का विषय है।

पंचायत के अध्यक्ष रासबिहारी पारीक ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कोटा जिला सहकारी होलसेल उपभोक्ता भंडार लिमिटेड के चेयरमैन हरिकृष्ण बिरला होंगे, जबकि अतिरिक्त संभागीय आयुक्त ममता तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगी। कार्यक्रम में समाज के प्रेरणास्रोत स्वर्गीय पुष्करलाल (दानजी वाले) को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया जाएगा। आयोजन को डॉ. के.के. पारीक एवं शीला पारीक का पावन सान्निध्य प्राप्त होगा।

कोषाध्यक्ष विनोद पारीक ने बताया कि रथयात्रा की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। हर वर्ष की भांति इस बार भी रथयात्रा को भव्य और आकर्षक स्वरूप देने के लिए रथ की मरम्मत, साफ-सफाई, रंग-रोगन और सजावट का कार्य तेजी से किया जा रहा है। धार्मिक आस्था और सामाजिक सहभागिता के इस आयोजन को लेकर समाज में उत्साह का माहौल है।

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