नशे को कहें 'ना', सपनों को दें नई उड़ान: अकलंक पब्लिक स्कूल में शिखा सिंघल ने किया जागरूक
कोटा के अकलंक पब्लिक स्कूल में अतिरिक्त सिविल जज-6 शिखा सिंघल ने विद्यार्थियों को नशामुक्ति, विधिक सहायता, साइबर सुरक्षा और नागरिक कर्तव्यों पर जागरूक किया।
कोटा के अकलंक पब्लिक स्कूल में आयोजित जागरूकता शिविर में मंच से संबोधित करतीं अतिरिक्त सिविल जज शिखा सिंघल और व्याख्यान सुनते शिक्षक एवं विद्यार्थी।
कोटा के बसंत विहार स्थित अकलंक पब्लिक स्कूल में "इन्फॉर्मेटिव ट्यूज़डे" कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों के लिए जागरूकता शिविर एवं प्रेरणादायी व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से अतिरिक्त सिविल जज-6 शिखा सिंघल ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नशामुक्ति, विधिक जागरूकता और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।
विद्यालय के अध्यक्ष पीयूष बज एवं महासचिव अनिमेष जैन ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाना और उन्हें सकारात्मक जीवन की ओर प्रेरित करना था। अपने संबोधन में शिखा सिंघल ने "से नो टू ड्रग्स, से यस टू योर ड्रीम्स — ड्रग्स आर नॉट कूल, प्रोटेक्ट योर माइंड, बॉडी एंड फ्यूचर" विषय पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि नशा व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक जीवन को प्रभावित करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने सपनों को प्राथमिकता देने और नशे जैसी बुराइयों से दूर रहने का आह्वान किया।
शिखा सिंघल ने कहा कि स्वस्थ जीवनशैली, सकारात्मक सोच और सही निर्णय ही उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को विधिक सहायता, नशा-मुक्त जीवन, साइबर सुरक्षा, नागरिकों के अधिकार एवं कर्तव्य तथा सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे महत्वपूर्ण विषयों की भी जानकारी दी, ताकि वे जागरूक और जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपनी भूमिका निभा सकें।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय परिवार की ओर से सचिव अनिमेष जैन, कोषाध्यक्ष कंपिल जैन एवं प्राचार्या डॉ. अर्चना जोशी ने शिखा सिंघल का आभार व्यक्त करते हुए उनके प्रेरणादायी मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विद्यार्थियों ने व्याख्यान को अत्यंत प्रेरक एवं ज्ञानवर्धक बताते हुए नशामुक्त एवं जिम्मेदार जीवन जीने का संकल्प लिया।