तस्वीर में कोटा हार्ट इंस्टीट्यूट में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मेज पर बैठे डॉक्टर नजर आ रहे हैं।

29 सितंबर 2026 कोटा। विश्व हृदय दिवस के अवसर पर श्रीजी ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स एवं कोटा हार्ट इंस्टीट्यूट, कोटा के निदेशक डॉ. राकेश जिंदल ने आमजन से हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और हृदय रोग के शुरुआती संकेतों को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की है। वर्ष 2026 के हार्ट डे का थीम “दिल की हर धड़कन है अनमोल” यानी “DON’T MISS A BEAT” है।

डॉ. साकेत गोयल ने बताया कि बदलती जीवनशैली, शारीरिक गतिविधियों की कमी, असंतुलित खान-पान, तनाव, धूम्रपान एवं तंबाकू सेवन के साथ उच्च रक्तचाप, मधुमेह, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल और मोटापा हृदय रोग के प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल हैं। जिन लोगों के परिवार में हृदय रोग का इतिहास है, उन्हें भी अपने हृदय स्वास्थ्य के प्रति विशेष रूप से सतर्क रहना चाहिए।

डॉ. निशांत सक्सेना ने कहा कि सीने में दर्द, दबाव या भारीपन, अचानक सांस फूलना, अत्यधिक पसीना आना, धड़कन का तेज या अनियमित होना, चक्कर आना, असामान्य कमजोरी तथा बांह, कंधे, पीठ या जबड़े तक फैलने वाला दर्द हृदय संबंधी समस्या के चेतावनी संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षणों को सामान्य समझकर टालने के बजाय समय पर चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।

डॉ. रचित सक्सेना के अनुसार हृदय रोगों की रोकथाम में नियमित स्वास्थ्य जांच की महत्वपूर्ण भूमिका है। लोगों को अपने ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की स्थिति की जानकारी रखनी चाहिए। नियमित शारीरिक गतिविधि, संतुलित एवं पौष्टिक भोजन, नमक व अत्यधिक वसा का सीमित सेवन, स्वस्थ वजन बनाए रखना, पर्याप्त नींद, तनाव प्रबंधन तथा धूम्रपान और तंबाकू से पूरी तरह दूरी हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है।

डॉ. पवन सिंघल के अनुसार विश्व हृदय दिवस 2026 का संदेश “Don’t Miss a Beat” लोगों को तीन महत्वपूर्ण बातों के लिए प्रेरित करता है—“See the Signs” यानी चेतावनी संकेतों को पहचानें, “Protect Your Heart” यानी अपने हृदय की रक्षा करें और “Demand Action” यानी बेहतर हृदय स्वास्थ्य एवं स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सक्रिय कदम उठाएं।

डॉ. समीर जैन ने कहा, “हृदय रोग से बचाव की शुरुआत जागरूकता से होती है। अपने जोखिम कारकों को पहचानें, नियमित जांच कराएं और स्वस्थ जीवनशैली को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं। सीने में दर्द या हृदय रोग के अन्य चेतावनी संकेत दिखाई देने पर देरी न करें, क्योंकि समय पर उपचार महत्वपूर्ण हो सकता है।”

डॉ. भूपेंद्र बाठला के अनुसार विश्व हृदय दिवस पर श्रीजी ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स एवं कोटा हार्ट इंस्टीट्यूट, कोटा ने नागरिकों से स्वयं के साथ-साथ अपने परिवार के हृदय स्वास्थ्य के प्रति भी जागरूक रहने और नियमित स्वास्थ्य जांच को प्राथमिकता देने की अपील की है।

डॉ. उषा राव के अनुसार, “संकेतों को पहचानें, अपने हृदय की रक्षा करें और समय पर कदम उठाएं।”

डॉ. विनीत चावला के अनुसार मानव हृदय लगभग एक सदी तक धड़कते रहने के लिए बना है, लेकिन इसके लिए बुनियादी देखभाल की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि एक ऐसे व्यक्ति के रूप में, जो यह देखता है कि इस देखभाल के अभाव के क्या परिणाम होते हैं, युवा पीढ़ी के लिए उनका संदेश सीधा है कि आज ही अपने दिल की सुरक्षा करें, क्योंकि इसे फिर से नई शुरुआत करने का दूसरा मौका नहीं मिलता।

डॉ. विक्रम गोयल के अनुसार MICS अब कोटा हार्ट व श्रीजी हॉस्पिटल में नियमित रूप से की जा रही हैं। इसमें कोई हड्डी नहीं कटती, कोई वायरिंग नहीं लगती, बहुत छोटा चीरा लगता है। महिलाओं में करीब-करीब अदृश्य निशान होता है। इसके साथ बहुत तेज रिकवरी, बहुत कम दर्द, बहुत कम रक्त स्राव और इन्फेक्शन की सम्भावना नगण्य होती है।

डॉ. राकेश जिंदल के अनुसार अगले एक साल में कोटा हार्ट व श्रीजी हॉस्पिटल का मुख्य उद्देश्य हृदय रोगों के बचाव पर बल देना है। साथ ही अस्पताल का ध्येय हाड़ौती की जनता को उन्नत हृदय उपचार व नवीनतम सुविधाएं मुहैया कराना है। डॉ. राकेश जिंदल ने बताया कि रामदुलारी जिंदल मेमोरियल एंड हेल्थकेयर सोसाइटी के तत्वावधान में हेल्थी लाइफ स्टाइल, स्वस्थ हृदय व CPR प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी एवं समाज सेवी संस्थाओं के सहयोग से अनवरत चलता रहेगा।

डॉ. नीता जिंदल के अनुसार शिक्षण संस्थाओं के प्राथमिक शिक्षा स्तर पर ही स्क्रीनिंग शिविरों के माध्यम से जन्मजात हृदय विकारों का प्रारंभिक स्तर पर पता लगाकर उसका उचित निदान भी किया जाएगा। विश्व हृदय दिवस 2026 पर अस्पताल की ओर से दिए गए संदेश में हृदय स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, नियमित जांच, स्वस्थ जीवनशैली और चेतावनी संकेतों की समय पर पहचान को प्रमुखता दी गई है।

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