कोटा में यूरिया किल्लत पर किसान महासभा का रोष, सीधे अलॉटमेंट की मांग और प्रदर्शन की चेतावनी
कोटा संभाग में यूरिया खाद की भारी किल्लत पर किसान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज दुबे ने केंद्र सरकार से सीधे अलॉटमेंट की मांग की है। मांग पूरी नहीं होने पर चंबल फर्टिलाइजर्स फैक्ट्री के बाहर प्रदर्शन की चेतावनी दी।
तस्वीर में भारतीय राष्ट्रीय किसान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज दुबे पीले रंग की पगड़ी और फूलों की माला पहने हुए नजर आ रहे हैं।
कोटा संभाग में यूरिया खाद की भारी किल्लत को लेकर भारतीय राष्ट्रीय किसान महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज दुबे ने गहरा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने केंद्र सरकार से कोटा संभाग को पर्याप्त मात्रा में यूरिया का सीधा अलॉटमेंट करने की मांग की है। दुबे ने कहा कि अग्रणी यूरिया उत्पादक होने के बावजूद कोटा संभाग के किसान खाद की कमी से जूझ रहे हैं और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कोटा, 28 सितंबर। मनोज दुबे ने कहा कि कोटा संभाग को पर्याप्त मात्रा में यूरिया खाद का सीधा अलॉटमेंट नहीं हुआ और संभाग में यूरिया खाद की किल्लत दूर नहीं हुई तो चंबल फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड फैक्ट्री के बाहर उग्र विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि एशिया का सबसे बड़ा खाद यानी यूरिया उत्पादक प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र राजस्थान का कोटा जिला है। यहां चंबल फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड, गड़ेपान, कोटा और डीसीएम श्रीराम जैसे बड़े संयंत्र स्थित हैं। इसके बावजूद कोटा संभाग का किसान यूरिया खाद की किल्लत के कारण दर-दर भटकने को मजबूर है।
मनोज दुबे ने कहा कि एशिया का सबसे बड़ा यूरिया उत्पादक कोटा है, फिर भी कोटा संभाग का अन्नदाता यूरिया खाद की किल्लत से परेशान क्यों है। उन्होंने कहा कि कोटा संभाग में यूरिया की किल्लत बनी हुई है, जबकि कोटा जिला यूरिया उत्पादन में नम्बर 1 है।
दुबे के अनुसार, कोटा में हर साल करीब 45 लाख मीट्रिक टन यूरिया का उत्पादन हो रहा है। एशिया का सबसे बड़ा यूरिया उत्पादक प्लांट चंबल फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल लिमिटेड भी कोटा में स्थित है। इसके बावजूद कोटा संभाग में यूरिया खाद की किल्लत को उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भारी विफलताओं का जीता-जागता प्रमाण बताया।
उन्होंने कहा कि कोटा एशिया का सबसे बड़ा यूरिया उत्पादक होने के बाद भी कोटा संभाग में यूरिया खाद की किल्लत दुःखद एवं बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। कोटा संभाग के किसानों के लिए पर्याप्त यूरिया उपलब्ध कराने को लेकर सीधे अलॉटमेंट की मांग के साथ अब चंबल फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड फैक्ट्री के बाहर उग्र विरोध प्रदर्शन की चेतावनी भी दी गई है।