कोटा के गीता भवन में धन्वंतरि जयंती कार्यक्रम के दौरान मंच पर बोलते एक व्यक्ति दिखे।

कोटा में भगवान धन्वंतरि जयंती के अवसर पर आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के महत्व और उसके प्रचार-प्रसार को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। आयुर्वेद विकास समिति एवं अथर्वा आदित्य सेवा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार, 6 नवंबर को गीता भवन में धन्वंतरि जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस दौरान वक्ताओं ने स्वस्थ जीवन के लिए आयुर्वेद अपनाने और रोगों को जड़ से समाप्त करने का आह्वान किया।

आयुर्वेद विकास समिति के महामंत्री आदित्य कुमार शास्त्री ने बताया कि कार्यक्रम में डॉ. पत्ता सिंह सोलंकी ने आयुर्वेद के महत्व पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आयुर्वेद के बिना जीवन अधूरा है। रोगों को जड़ से समाप्त करने और स्वस्थ जीवन जीने के लिए आयुर्वेद को अपनाना चाहिए।

समिति अध्यक्ष डॉ. अशोक शर्मा ने भगवान धन्वंतरि के प्राकट्य और उनके जीवन से जुड़े विभिन्न प्रसंगों पर प्रकाश डाला। उन्होंने आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को जन-जन तक पहुंचाने तथा इसके प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

कार्यक्रम में राजेंद्र शारदा (शारदा मेडिकल), रामेश्वर प्रसाद विजय, शंभू दयाल दाधीच और महावीर दाधीच सहित अनेक वैद्यों ने भी भगवान धन्वंतरि जयंती के अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के महत्व और इसके प्रचार-प्रसार से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे।

कार्यक्रम के अंत में समिति अध्यक्ष डॉ. अशोक शर्मा ने उपस्थित सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापित किया। वहीं, महामंत्री आदित्य कुमार शास्त्री ने आभार व्यक्त करते हुए सभी को भगवान धन्वंतरि जयंती एवं दीपावली की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में आयुर्वेद के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इस चिकित्सा पद्धति को अधिकाधिक लोगों तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।

Tags: