झालावाड़: एसीबी ने जिला परिषद के एमआईएस मैनेजर को 3,000 रुपये रिश्वत लेते दबोचा
श्री अन्नपूर्णा रसोई का पूर्ण भुगतान करने की एवज में रिश्वत मांगने वाले संविदाकर्मी जयराम वर्मा को एसीबी टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
तस्वीर में प्रिंटेड शर्ट और जीन्स पहने एक व्यक्ति कमरे में कुर्सी पर बैठा दिख रहा है।
जयपुर, 5 अक्टूबर 2026। झालावाड़ में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने ट्रेप कार्रवाई करते हुए जिला परिषद झालावाड़ के एमआईएस मैनेजर एवं संविदाकर्मी जयराम वर्मा को 3,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पर राजस्थान सरकार द्वारा संचालित श्री अन्नपूर्णा रसोई का पूर्ण भुगतान करवाने की एवज में रिश्वत मांगने का आरोप है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो मुख्यालय के निर्देश पर एसीबी की झालावाड़ चौकी ने यह कार्रवाई की। एसीबी की झालावाड़ चौकी पर परिवादिया ने शिकायत प्रस्तुत की थी कि वह नारी शक्ति सीएलएफ के माध्यम से राजस्थान सरकार द्वारा संचालित श्री अन्नपूर्णा रसोई की संचालिका है, जिसका संचालन पुरानी तहसील बकानी में किया जा रहा है।
परिवादिया के अनुसार, रसोई के निरीक्षण के दौरान जिला परिषद झालावाड़ के एमआईएस मैनेजर जयराम वर्मा ने उससे हर माह 3,000 रुपये रिश्वत राशि की मांग की। रिश्वत राशि नहीं देने पर रसोई का भुगतान कटवाने अथवा बिल पास नहीं करवाने की धमकी देने की बात भी शिकायत में कही गई।
परिवादिया द्वारा आरोपी को समझाने पर जयराम वर्मा ने कथित रूप से प्रतिदिन 10 फर्जी टोकन काटने तथा प्रत्येक माह की 1 से 5 तारीख के मध्य 3,000 रुपये देने की मांग की। परिवादिया ने रिश्वत राशि नहीं देने और आरोपी को रंगे हाथों पकड़वाने की इच्छा जताते हुए एसीबी में शिकायत प्रस्तुत की।
शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोपी जयराम वर्मा द्वारा श्री अन्नपूर्णा रसोई का पूर्ण भुगतान करवाने की एवज में प्रति माह 3,000 रुपये रिश्वत राशि की मांग करना पाया गया। साथ ही, इस माह की रिश्वत राशि 3,000 रुपये उसी दिन देने की मांग की पुष्टि हुई।
रिश्वत मांग की पुष्टि होने के बाद एसीबी ने 5 अक्टूबर 2026 को ट्रेप कार्रवाई आयोजित की। एसीबी कोटा रेंज, कोटा के पुलिस उपमहानिरीक्षक ओमप्रकाश मीणा के सुपरवीजन में एसीबी झालावाड़ चौकी के पुलिस निरीक्षक साजिद खान के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई करते हुए जयराम वर्मा, एमआईएस मैनेजर, जिला परिषद झालावाड़ (संविदाकर्मी) को परिवादिया से इस माह की 3,000 रुपये रिश्वत राशि प्राप्त करते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस श्रीमती स्मिता श्रीवास्तव एवं महानिरीक्षक पुलिस श्रीमती एस. परिमला के सुपरवीजन में आरोपी से पूछताछ और अग्रिम कार्रवाई जारी है। एसीबी द्वारा मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जाएगा।
एसीबी के अनुसार, किसी व्यक्ति के विरुद्ध एसीबी में प्रकरण, अभियोग या प्राथमिक जांच आदि दर्ज होने पर वह एसीबी से सीधे संपर्क कर अपना पक्ष अथवा स्पष्टीकरण प्रस्तुत कर सकता है। प्रस्तुत स्पष्टीकरण के एसीबी द्वारा विस्तृत विश्लेषण के उपरांत ही अनुसंधान में निर्णय लिया जाना एसीबी की कार्य प्रणाली का हिस्सा है। यह जानकारी एसीबी के डर से धोखाधड़ी आदि के शिकार होने की संभावना के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने आमजन से भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान में योगदान देने की अपील करते हुए टोल फ्री नंबर 1064 और व्हाट्सएप हेल्पलाइन नंबर 94135-02834 पर 24X7 संपर्क करने को कहा है। एसीबी के अनुसार, वह वैध कार्य करवाने में पूरी सहायता करेगी।