श्रीगंगानगर में सीआईडी क्राइम ब्रांच और पुलिस टीम के साथ गिरफ्तार किए गए आरोपी नजर आ रहे हैं।

दीपावली से पहले राजस्थान में नकली घी के कारोबार के खिलाफ सीआईडी क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए श्रीगंगानगर जिले में दो फर्मों पर छापेमारी की। इस दौरान 22,138 लीटर नकली एवं संदिग्ध घी जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 1.60 करोड़ रुपये बताई गई है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान नकली घी की बिक्री से प्राप्त 3.50 लाख रुपये नकद और चार मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच में गुजरात के सूरत से पाम ऑयल और वनस्पति मंगवाकर केमिकल मिलाने, नकली घी तैयार करने तथा एक्सपायर्ड घी को नए रैपर लगाकर दोबारा बाजार में बेचने का खुलासा हुआ है।

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की मंशानुरूप प्रदेश में नकली एवं मिलावटी खाद्य पदार्थों के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान 'शुद्ध आहार-मिलावट पर वार' के तहत यह कार्रवाई की गई। अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (अपराध शाखा) श्री बिपिन कुमार पाण्डेय के निर्देशन में संचालित अभियान के तहत महानिरीक्षक पुलिस श्रीमती के.बी. वंदना एवं उप महानिरीक्षक श्री प्रहलाद कृष्णियां के सुपरविजन में उपनिरीक्षक श्री शैलेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी।

सीआईडी क्राइम ब्रांच के हेड कांस्टेबल श्री बृजेश शर्मा को सूचना मिली थी कि गुजरात के सूरत शहर से पाम ऑयल मंगवाकर उसमें केमिकल मिलाकर नकली घी तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही एक्सपायर्ड घी को दोबारा तैयार कर गाय का शुद्ध घी बताकर कम कीमत पर श्रीगंगानगर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सप्लाई किया जा रहा है।

सूचना का सत्यापन करने के बाद सीआईडी क्राइम ब्रांच की टीम ने पुलिस अधीक्षक श्रीगंगानगर श्री हरिशंकर यादव और उप पुलिस अधीक्षक श्रीगंगानगर सिटी श्री नितिन चौधरी (आईपीएस) से समन्वय स्थापित किया। इसके बाद पुलिस थाना सदर, जिला विशेष टीम और खाद्य सुरक्षा विभाग के सहयोग से संयुक्त कार्रवाई की गई।

पहली कार्रवाई चौधरी कॉम्पलेक्स स्थित अनन्या ट्रेडिंग कम्पनी के गोदाम एवं फैक्ट्री पर की गई। यहां संयुक्त टीम को तीन व्यक्ति मिले। पूछताछ में उनकी पहचान राम तायल (26), मुकेश कुमार (24) निवासी जवाहर नगर जिला श्रीगंगानगर और विकास कुमार (42) निवासी लालगढ़ जाटान जिला श्रीगंगानगर के रूप में हुई। गोदाम के संबंध में राम तायल ने बताया कि उसकी पत्नी के नाम से अनन्या ट्रेडिंग कम्पनी संचालित है और पिछले करीब छह माह से यह गोदाम किराये पर लेकर कारोबार किया जा रहा है।

खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने गोदाम का निरीक्षण किया तो वहां त्रिसल्वा, बांसुरी, श्रीनंद और मायरा ब्रांड के नाम से पैक किए गए घी के टीन एवं कार्टन बड़ी मात्रा में मिले। जांच के दौरान इन चार ब्रांड के अलावा बिना लेबल वाले टीन और एक्सपायरी डेट का घी भी बरामद हुआ। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मौके पर उपलब्ध घी की जांच कर नमूने लेने की कार्रवाई की।

गोदाम से त्रिसल्वा ब्रांड का 3,558 लीटर, बांसुरी ब्रांड का 6,275 लीटर, श्रीनंद ब्रांड का 5,586 लीटर और मायरा ब्रांड का 90 लीटर घी बरामद हुआ। इसके अलावा बिना लेबल वाले टीन में 390 लीटर तथा एक्सपायरी डेट वाले बांसुरी ब्रांड के 495 लीटर घी का स्टॉक मिला। इस प्रकार अनन्या ट्रेडिंग कम्पनी के गोदाम से कुल 16,394 लीटर नकली देशी गाय का घी जब्त किया गया। विभिन्न पैकिंग पर निर्माण दिनांक 1 नवम्बर 2026 और एक्सपायरी दिनांक 31 जुलाई 2027 अंकित थी।

गोदाम की तलाशी के दौरान घी के साथ पैकिंग सामग्री, विभिन्न ब्रांड के रैपर, स्टीकर, खाली कार्टन और डिब्बे भी मिले। मौके पर एक पैकिंग मशीन, गैस भट्टी, सिलेंडर टंकी और करीब 60-70 लीटर क्षमता का ढक्कन सहित एक बर्तन भी बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि डीलरों से वापस आने वाले खराब माल और एक्सपायरी टीन एवं कार्टन से पुराने रैपर हटाकर उन पर नए स्टीकर और रैपर लगाए जाते थे। इसके बाद तैयार माल को दोबारा बाजार में बेचने के लिए भेज दिया जाता था।

प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया कि राम तायल गुजरात की देवकुंज मिल्क प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड से पाम ऑयल एवं वनस्पति मंगवाता था। इसके लिए कम्पनी के प्रतिनिधियों और कर्मचारियों से मोबाइल फोन के माध्यम से संपर्क किया जाता था। माल की कुछ खरीद बिल के माध्यम से और कुछ बिना बिल के किए जाने की बात सामने आई है।

राम तायल ने बताया कि तैयार माल की सप्लाई श्रीगंगानगर के डीलर मुकेश कुमार डालमिया की जे.बी. ट्रेडिंग कम्पनी सहित अन्य डीलरों को की जाती थी। राम तायल और मुकेश कुमार ने सप्लाई एवं मार्केटिंग के लिए विकास कुमार को भी अपने साथ रखा हुआ था। इसके बदले उसे प्रति लीटर कमीशन दिया जाता था।

पुलिस ने राम तायल के कब्जे से नकली घी की बिक्री से प्राप्त 3 लाख 50 हजार रुपये नकद बरामद किए। इसके साथ ही तीनों आरोपियों के पास से कुल चार मोबाइल फोन जब्त किए गए। गोदाम में घी की भारी मात्रा होने के कारण उसे मौके पर ही सुरक्षित रखकर शटर पर ताला लगाकर सील कर दिया गया। मौके पर खड़ी मारुति वैन के भी नकली घी के परिवहन में इस्तेमाल होने की जानकारी सामने आई है।

सीआईडी क्राइम ब्रांच और संयुक्त टीम ने दूसरी कार्रवाई श्रीगंगानगर के सूरतगढ़ बाईपास स्थित न्यू विजय ट्रेडिंग कम्पनी पर की। यहां से 5,744 लीटर संदिग्ध घी बरामद किया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने घी के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे हैं। नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

दोनों फर्मों पर हुई कार्रवाई में कुल 22,138 लीटर नकली एवं संदिग्ध घी जब्त किया गया है। इसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 1.60 करोड़ रुपये आंकी गई है।

इस कार्रवाई में सीआईडी क्राइम ब्रांच की टीम से उपनिरीक्षक श्री शैलेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में सहायक उपनिरीक्षक श्री दुष्यंत सिंह, हेड कांस्टेबल श्री कृष्ण गोपाल और हेड कांस्टेबल श्री बृजेश कुमार शर्मा की विशेष भूमिका रही।

स्थानीय पुलिस टीम में पुलिस निरीक्षक एवं थानाधिकारी सदर श्री सुभाष चन्द्र, उपनिरीक्षक श्री रामपाल, हेड कांस्टेबल श्री मनफूल और कांस्टेबल श्री कैलाशचन्द्र शामिल रहे। वहीं डीएसटी श्रीगंगानगर टीम से उपनिरीक्षक श्री जयकुमार भादू, सहायक उपनिरीक्षक श्री सुरेन्द्र जियानी, हेड कांस्टेबल श्री संदीप धोरी, श्री कृष्ण साहू, कांस्टेबल श्री शेखर, श्री प्रमोद कुमार और चालक कांस्टेबल श्री दिनेश कुमार ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सीआईडी क्राइम ब्रांच की ओर से नकली एवं मिलावटी खाद्य पदार्थों के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। श्रीगंगानगर में सामने आए इस मामले में अन्य गोदामों एवं फर्मों पर भी कार्रवाई जारी है। 'शुद्ध आहार-मिलावट पर वार' अभियान के तहत आमजन को शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध करवाने और मिलावटखोरों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के उद्देश्य से जांच एवं कार्रवाई का दायरा बढ़ाया जा रहा है।

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