राजस्थान उच्च न्यायालय ने 25 अगस्त 2026 को महत्वपूर्ण मामले RSRTC बनाम सीताराम (RSRTC V/s Sitaram) में सुनवाई करते हुए संबंधित ट्रिब्यूनल द्वारा पारित विवादित आदेश के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक लगा दी। उच्च न्यायालय के इस आदेश से राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (RSRTC) को बड़ी राहत मिली है।

सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय के समक्ष निगम का पक्ष पुरजोर तरीके से रखा गया। मामले में पैरवी अतिरिक्त महाधिवक्ता श्री भुवनेश्वरी शर्मा द्वारा की गई। उनके साथ अधिवक्ता तुषार शर्मा एवं अधिवक्ता राजपाल धनखड़ सहयोगी कौंसल के रूप में उपस्थित रहे।

कौंसल्स की ओर से प्रस्तुत तर्कों और तथ्यों पर विचार करने के उपरांत माननीय उच्च न्यायालय ने श्रम न्यायालय के विवादित आदेश के प्रभाव पर स्थगन आदेश (Stay) जारी कर दिया। इसके साथ ही संबंधित ट्रिब्यूनल के आदेश के क्रियान्वयन पर अंतरिम रोक प्रभावी हो गई।

उच्च न्यायालय के इस आदेश को राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के लिए महत्वपूर्ण राहत के रूप में देखा जा रहा है। मामले में निगम की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता श्री भुवनेश्वरी शर्मा ने प्रभावी पैरवी की, जबकि अधिवक्ता तुषार शर्मा और अधिवक्ता राजपाल धनखड़ सहयोगी कौंसल के रूप में उपस्थित रहे।

इस प्रकार RSRTC बनाम सीताराम मामले में श्रम न्यायालय के विवादित आदेश के प्रभाव पर उच्च न्यायालय द्वारा स्थगन दिए जाने से फिलहाल उसके क्रियान्वयन पर रोक लग गई है।

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