तस्वीर में राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर में भारतीय शिक्षण मंडल (CURAJ इकाई) द्वारा आयोजित हेल्पडेस्क पर स्वयंसेवक और विद्यार्थी नजर आ रहे हैं।

राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय में आयोजित स्पॉट एडमिशन राउंड के दौरान भारतीय शिक्षण मंडल (BSM) की युवा गतिविधि, CURAJ इकाई ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की सुविधा के लिए दो दिवसीय विशेष हेल्पडेस्क आयोजित किया। स्पॉट एडमिशन के तहत 24 अगस्त को स्नातकोत्तर (PG) और 25 अगस्त को स्नातक (UG) पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश प्रक्रिया निर्धारित थी।

हेल्पडेस्क को केवल प्रवेश संबंधी जानकारी तक सीमित नहीं रखा गया, बल्कि विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए निःशुल्क बैग एवं सामान जमा करने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। प्रवेश प्रक्रिया के दौरान भारी सामान लेकर अलग-अलग काउंटरों पर जाने की परेशानी से बचाने के लिए विद्यार्थियों और अभिभावकों ने अपना सामान सुरक्षित रूप से हेल्पडेस्क पर जमा किया और बोझमुक्त होकर प्रवेश की औपचारिकताएं पूरी कीं। यह सुविधा विशेष रूप से दूर-दराज से आने वाले विद्यार्थियों और उनके परिजनों के लिए उपयोगी रही।

हेल्पडेस्क के माध्यम से प्रथम दिवस पर 100 से अधिक विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष रूप से सहायता और जानकारी प्रदान की गई। प्रवेश प्रक्रिया के दौरान आवश्यक छोटी-छोटी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को गोंद, स्टेपलर और स्टेपल पिन जैसी आवश्यक स्टेशनरी सामग्री भी उपलब्ध कराई गई, ताकि दस्तावेजों और प्रवेश संबंधी औपचारिकताओं को पूरा करने में उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।

यह सेवा पहल भारतीय शिक्षण मंडल के चित्तौड़ प्रांत अध्यक्ष एवं राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आनंद भालेराव के मार्गदर्शन एवं संरक्षण में आयोजित की गई। उनके मार्गदर्शन में विद्यार्थियों के हित में किए गए इस सेवा-उन्मुख प्रयास को व्यापक सराहना मिली।

कार्यक्रम के सफल समन्वय और संचालन में चित्तौड़ प्रांत सह मंत्री डॉ. जयप्रकाश त्रिपाठी, CURAJ इकाई अध्यक्ष डॉ. ज्ञान रंजन पांडा तथा व्यवस्था प्रमुख डॉ. अखिल अग्रवाल एवं डॉ. सोमनाथ का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। युवा गतिविधि प्रमुख डॉ. हेमंत जोशी और सह प्रमुख रुसम दास ने हेल्पडेस्क पहल का आयोजन एवं समन्वय किया।

पहल के माध्यम से BSM ने नए विद्यार्थियों के प्रति सहयोग, आत्मीयता और सेवा भावना को व्यवहार में उतारने का प्रयास किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यार्थियों और शोधार्थियों की सक्रिय भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। अंजली रामोला, दर्शना हजारिका, शुभम कुमार, अजय चौधरी, अबनीश शर्मा, ज्ञान कुमार सोनिक, अविनय राज वर्मा, मंजुल मयंक तिवारी, अभिषेक कुमावत एवं सोमवीर सिंह ने पूरे उत्साह और समर्पण के साथ हेल्पडेस्क की व्यवस्थाओं में सहयोग किया तथा विद्यार्थियों और अभिभावकों की आवश्यकताओं का ध्यान रखा।

भारतीय शिक्षण मंडल की युवा गतिविधि का यह प्रयास “सेवा से संस्कार और संस्कार से राष्ट्रनिर्माण” एवं ‘पंच परिवर्तन’ के नागरिक कर्तव्य-बोध की भावना को प्रतिबिंबित करते हुए राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर में सहयोग और सामाजिक उत्तरदायित्व की एक सकारात्मक मिसाल प्रस्तुत करता है।

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