जयपुर में इंडियन रिट्स एसोसिएशन का पहला रिट जागरूकता कार्यक्रम, निवेशकों को जानकारी
जयपुर में इंडियन रिट्स एसोसिएशन ने पहला रिट जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। छह सूचीबद्ध रिट, 3.17 लाख करोड़ रुपये से अधिक एयूएम और निवेशकों को होने वाले भुगतान से जुड़े प्रमुख आंकड़े सामने आए।
तस्वीर में बाएं से दाएं, माइंडस्पेस रिट के केदार कुलकर्णी और नॉलेज रियल्टी ट्रस्ट के नीरज तोषनीवाल जयपुर में आयोजित इंडियन रिट्स एसोसिएशन के जागरूकता कार्यक्रम के दौरान मंच पर स्क्रीन के सामने खड़े नजर आ रहे हैं।
जयपुर, 17 सितंबर 2026: इंडियन रिट्स एसोसिएशन (आईआरए) ने जयपुर में अपना पहला रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (रिट) जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य निवेशकों को रिट की कार्यप्रणाली, निवेश विकल्प के रूप में इसकी भूमिका और इससे जुड़े अवसरों की जानकारी देना था। यह आयोजन रिट के बारे में जागरूकता बढ़ाने और निवेशकों को इस निवेश विकल्प को बेहतर तरीके से समझने में मदद करने के लिए आईआरए की ओर से चलाए जा रहे प्रयासों का हिस्सा है।
भारत में पहला रिट 2019 में शुरू हुआ था। इसके बाद से इस क्षेत्र का दायरा लगातार बढ़ा है। वर्तमान में भारत में छह रिट शेयर बाजार में सूचीबद्ध हैं। इनमें ब्रुकफील्ड इंडिया रियल एस्टेट ट्रस्ट, एम्बेसी ऑफिस पार्क्स रिट, नॉलेज रियल्टी ट्रस्ट, माइंडस्पेस बिजनेस पार्क्स रिट, नेक्सस सेलेक्ट ट्रस्ट और बागमाने प्राइम ऑफिस रिट शामिल हैं।
कार्यक्रम में माइंडस्पेस रिट के फंडिंग और विलय एवं अधिग्रहण विभाग के प्रमुख केदार कुलकर्णी ने कहा, “रिट एक ऐसा निवेश उत्पाद है, जिसकी नियमों के तहत निगरानी होती है। ये रिट ऑफिस की इमारतों और शॉपिंग सेंटर जैसी ऐसी व्यावसायिक संपत्तियों के मालिक होते हैं। यह इन इमारतों का संचालन करता है। इनसे नियमित किराए के रूप में कमाई होती है। किराए के रूप में होने वाली इस कमाई का एक हिस्सा निवेशकों को दिया जाता है। शेयरों की तरह रिट की इकाइयां भी शेयर बाजार में सूचीबद्ध होती हैं। इनकी खरीद-बिक्री की जा सकती है। निवेशकों के लिए इनमें निवेश करना आसान होता है।”
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के नियमों के अनुसार, शेयर बाजार में सूचीबद्ध रिट को निवेशकों में बांटने योग्य शुद्ध नकद आय का कम से कम 90 प्रतिशत हिस्सा अपनी यूनिट में निवेश करने वाले निवेशकों को देना जरूरी है। नियमों के तहत यह भुगतान साल में कम से कम दो बार किया जाना होता है। हालांकि, भारत के सभी छह रिट इस समय हर तिमाही में निवेशकों को भुगतान कर रहे हैं।
कार्यक्रम में नॉलेज रियल्टी ट्रस्ट के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) और इंडियन रिट्स एसोसिएशन की कार्यकारी समिति के सदस्य नीरज तोषनीवाल ने कहा, “निवेश के अलग-अलग विकल्पों के अलग-अलग फायदे और लक्ष्य होते हैं। फिक्स्ड डिपॉजिट स्थिरता देता है। शेयरों में लंबे समय में पैसा बढ़ने की संभावना होती है। रिट निवेशकों को नियमित भुगतान के जरिए आय देने के साथ-साथ निवेश की गई रकम के मूल्य में बढ़ोतरी की संभावना भी देता है। इसलिए निवेशकों के लिए अपने निवेश को अलग-अलग जगह बांटने के लिहाज से यह एक उपयोगी विकल्प हो सकता है।”
नीरज तोषनीवाल ने कहा कि जयपुर पहले से ही एक विकसित वित्तीय निवेश बाजार है और यहां ऐसे निवेशकों की संख्या बढ़ रही है, जो निवेश के बारे में जानकारी रखते हैं। उन्होंने कहा, “हमें पूरा विश्वास है कि इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से हम निवेशकों को एक सुलभ और विविध निवेश विकल्प के रूप में रिट को बेहतर ढंग से समझने में मदद करेंगे।”
इंडियन रिट्स एसोसिएशन (आईआरए) एक गैर-लाभकारी उद्योग संगठन है। इसका गठन भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के मार्गदर्शन में किया गया है। यह संगठन भारत में रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (रिट) क्षेत्र के विकास और विस्तार को बढ़ावा देने के लिए काम करता है।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी Q1 FY27 में भारत के छह सूचीबद्ध रिट ने मिलकर 4.85 लाख से अधिक यूनिटधारकों को 3,136 करोड़ रुपये वितरित किए। इसी अवधि में छह सूचीबद्ध रिट के पास कुल सकल प्रबंधनाधीन परिसंपत्तियां (एयूएम) 3.17 लाख करोड़ रुपये से अधिक थीं।
11 अगस्त 2026 तक क्षेत्र का संयुक्त बाजार पूंजीकरण 2.17 लाख करोड़ रुपये से अधिक था। छहों रिट मिलकर भारत में 214 मिलियन वर्ग फुट से अधिक ग्रेड ए कार्यालय और खुदरा क्षेत्र की संपत्तियों का प्रबंधन करते हैं।
अपने-अपने गठन के बाद से सूचीबद्ध रिट ने अब तक यूनिटधारकों को कुल 34,800 करोड़ रुपये से अधिक वितरित किए हैं। यह आंकड़ा भारतीय पूंजी बाजार में रिट की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।