उचित मूल्य की दुकानों के डीलरों को बड़ी राहत, मार्जिन बढ़ाकर 100 और 195 रुपये किया
राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ के सवाल पर खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री ने उचित मूल्य दुकानों के डीलरों के मार्जिन और प्रशिक्षण की जानकारी दी। राजस्थान समेत नौ राज्यों में 325 डीलरों को प्रशिक्षण मिला है।
तस्वीर में राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए नजर आ रहे हैं।
जयपुर, 12 अगस्त 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश के करोड़ों गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को खाद्य सुरक्षा उपलब्ध कराने के साथ उचित मूल्य की दुकानों के संचालकों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए भी लगातार कदम उठा रही है। राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत बनाने में उचित मूल्य की दुकानों के डीलरों की महत्वपूर्ण भूमिका है और केंद्र सरकार इन दुकानों की वित्तीय व्यवहार्यता सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण उपाय कर रही है।
सांसद मदन राठौड़ के सवाल के जवाब में खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री ने राज्यसभा में जानकारी दी कि 1 अप्रैल 2026 से सामान्य श्रेणी के राज्यों के लिए उचित मूल्य की दुकानों के डीलरों का मार्जिन 90 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। वहीं, विशेष श्रेणी के राज्यों के लिए डीलरों का मार्जिन 180 रुपये से बढ़ाकर 195 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है।
मदन राठौड़ ने बताया कि केंद्र सरकार केवल डीलरों का मार्जिन बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उचित मूल्य की दुकानों को बहुउद्देशीय और आर्थिक रूप से सक्षम केंद्र बनाने की दिशा में भी काम कर रही है। इसके तहत बैंकिंग सेवाएं, इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की सेवाएं, छोटे एलपीजी सिलेंडरों की बिक्री तथा सामान्य स्टोर की अन्य वस्तुओं की बिक्री जैसे अतिरिक्त व्यावसायिक अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि उचित मूल्य की दुकानों के डीलरों की क्षमता और आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के साथ मिलकर प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किए हैं। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता, ई-कॉमर्स, खुदरा प्रबंधन और बुनियादी पोषण जैसे विषयों को शामिल किया गया है।
राठौड़ के अनुसार, राजस्थान सहित नौ राज्यों में लगभग 325 उचित मूल्य दुकान डीलरों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार का उद्देश्य गरीबों को खाद्यान्न की सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ राशन डीलरों को भी सम्मानजनक एवं स्थायी आजीविका के अवसर प्रदान करना है।
सांसद ने कहा कि उचित मूल्य की दुकानों को आधुनिक और बहुउद्देशीय केंद्रों के रूप में विकसित करने से ग्रामीण एवं शहरी दोनों क्षेत्रों में नागरिकों को एक ही स्थान पर अनेक आवश्यक सेवाएं उपलब्ध होंगी। इससे राशन दुकानों के संचालकों के लिए अतिरिक्त व्यावसायिक अवसर पैदा होने के साथ उनकी आर्थिक क्षमता को भी मजबूत करने की दिशा में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के समन्वित प्रयासों से सार्वजनिक वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जन-केंद्रित बन रही है। राजस्थान में भी इन योजनाओं का लाभ उचित मूल्य की दुकानों के संचालकों और आम नागरिकों तक पहुंचाया जा रहा है। इस प्रकार, खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ राशन डीलरों की आर्थिक व्यवहार्यता मजबूत करने की दिशा में भी केंद्र सरकार के प्रयास जारी हैं।