तस्वीर में महिला पुलिस अधिकारी और अन्य महिलाएं व बालिकाएं कोटा में रक्षाबंधन का पर्व मनाते हुए नजर आ रही हैं।

जयपुर, 27 अगस्त। रक्षाबंधन के पर्व पर राजस्थान पुलिस का संवेदनशील और मानवीय चेहरा सामने आया। कोटा शहर और अजमेर पुलिस ने अलग-अलग कार्यक्रमों के जरिए आमजन, महिलाओं, बालिकाओं और बच्चों के बीच पहुंचकर रक्षाबंधन मनाया। कहीं पुलिसकर्मियों की कलाई पर स्कूली बच्चों और सुरक्षा सखियों ने राखी बांधी, तो कहीं पुलिसकर्मियों ने बहनों से राखी बंधवाकर उनकी सुरक्षा का भरोसा दिलाया। इन आयोजनों से पुलिस और आमजन के बीच विश्वास, आत्मीयता और सुरक्षा का रिश्ता और मजबूत हुआ।

कोटा शहर में पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार ‘रक्षा का वचन’ अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक तेजस्विनी गौतम उच्च माध्यमिक बधिरांध विद्यालय पहुंचीं और करीब 300 मूक-बधिर बच्चों के बीच रक्षाबंधन मनाया। एसपी गौतम ने बच्चों को राखी बांधी तथा उन्हें उपहार और मिठाई भेंट की। कार्यक्रम में स्कूल प्रशासन, विज्ञान नगर थाना पुलिस और महिला सीएलजी सदस्य भी मौजूद रहे।

विद्यालय की प्रिंसिपल सर्वेश्वरी रानीवाला ने बताया कि वर्ष 1975 से संचालित इस विद्यालय में पहली बार किसी पुलिस अधीक्षक ने बच्चों के बीच पहुंचकर इस आत्मीयता के साथ रक्षाबंधन मनाया। एसपी तेजस्विनी गौतम ने बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कोटा शहर के प्रत्येक थाने से एक पुलिसकर्मी को सांकेतिक भाषा का प्रशिक्षण दिलाने की पहल की। इसके साथ ही पुलिस बैंड की ओर से बच्चों को बैंड वादन का प्रशिक्षण देने की भी योजना है।

कोटा शहर के सभी थाना क्षेत्रों में भी रक्षाबंधन कार्यक्रम आयोजित किए गए। सुरक्षा सखियों और स्कूली बच्चों ने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राखी बांधी। इन कार्यक्रमों में करीब 2700 बच्चों ने हिस्सा लिया। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में वाईसीएलजी, महिला सीएलजी सदस्य, सुरक्षा सखी, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट, महिला बीट अधिकारी और पुलिस लाइन स्कूल के बच्चे शामिल हुए। भूमिका वेलफेयर सोसायटी की अध्यक्ष स्मिता जैन और उनकी टीम ने भी पुलिसकर्मियों को राखी बांधी।

कार्यक्रमों के दौरान महिलाओं एवं बालिकाओं को पुलिस हेल्पलाइन, राजकॉप, गरुड़, महिला हेल्पलाइन और साइबर हेल्पलाइन सहित विभिन्न सुरक्षा सेवाओं की जानकारी भी दी गई।

उधर, अजमेर में पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला के निर्देश पर पुलिस टीमों ने रक्षाबंधन को आमजन से जुड़ने के अवसर के रूप में मनाया। प्रमुख चौराहों और पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रमों में महिलाओं एवं आमजन ने पुलिसकर्मियों को राखी बांधी। पुलिसकर्मियों ने भी बहनों को सुरक्षा और सहयोग का भरोसा दिया।

अजमेर में रक्षाबंधन के दौरान पुलिस टीमों का आमजन के बीच पहुंचना खास आकर्षण रहा। अजमेर शहर के व्यस्त चौराहों पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट और महिला बीट अधिकारियों ने ड्यूटी के दौरान वहां से गुजर रहे आम नागरिकों, बुजुर्गों और वाहन चालकों को रक्षा सूत्र बांधकर उनकी सुरक्षा का संकल्प दोहराया। इस दौरान एक भावुक दृश्य उस समय देखने को मिला, जब चौराहे पर बाइक सवार एक बुजुर्ग राहगीर को महिला पुलिसकर्मी ने रोककर बड़े ही आत्मीय भाव से रक्षा सूत्र बांधा।

कोटा और अजमेर में पुलिस की इस पहल ने पुलिस और आमजन के बीच सुरक्षा, विश्वास और सौहार्द के रिश्ते को मजबूत करने का संदेश दिया। रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित इन कार्यक्रमों में पुलिस की भूमिका कानून-व्यवस्था तक सीमित रहने के बजाय जरूरत के समय समाज के साथ खड़े रहने वाली व्यवस्था के रूप में सामने आई।

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