जयपुर, 29 सितंबर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश की 30 कृषि उपज मंडी समितियों में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए 57 करोड़ 41 लाख रुपये की लागत के विभिन्न विकास कार्यों के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। इस स्वीकृति के तहत मंडी यार्ड निर्माण, विद्युत कार्य, संपर्क सड़कों का निर्माण और क्षतिग्रस्त संपर्क सड़कों की मरम्मत कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री की स्वीकृति से कृषि उपज मंडी समिति बज्जू (बीकानेर), नोखा (बीकानेर), खाजूवाला (बीकानेर), श्रीडूंगरगढ़ (बीकानेर), पलसाना (सीकर), जैसलमेर, प्रतापगढ़, मंडावरी (दौसा), महवा (दौसा), बारां, नाहरगढ़ (बारां), उनियारा (टोंक), समरानियां (बारा), निवाई (टोंक), सादुलपुर (चूरू), बिजयनगर (ब्यावर), रिडमलसर (श्रीगंगानगर), कपासन (चित्तौड़गढ़), डीडवाना, भीनमाल, मदनगंज-किशनगढ़, डेगाना, कामां (डीग), नागौर, अनाज मंडी उदयपुर, सीकर, चौमहला (झालावाड़), अनाज मंडी कोटा, घड़साना (श्रीगंगानगर) और संगरिया (हनुमानगढ़) में विभिन्न विकास कार्य कराए जाएंगे।

मंडी समितियों में यार्ड निर्माण और विद्युत कार्यों से किसानों तथा व्यापारियों के लिए मूलभूत सुविधाओं का विस्तार होगा। वहीं, मंडियों से जुड़ी संपर्क सड़कों के निर्माण और क्षतिग्रस्त संपर्क सड़कों की मरम्मत से ग्रामीण क्षेत्रों के किसान अपनी उपज सुगमता से मंडियों तक ला सकेंगे।

सरकार के अनुसार, इन विकास कार्यों से मंडियों में किसानों और व्यापारियों के लिए आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा और कृषि विपणन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। संपर्क सड़कों की बेहतर सुविधा से फसलों की मंडियों में आवक बढ़ेगी, किसानों को अपनी उपज बेचने में आसानी होगी और मंडी राजस्व में भी वृद्धि होगी।

इस स्वीकृति के तहत मंडी यार्ड, विद्युत व्यवस्था और संपर्क सड़कों से जुड़े कार्यों का विस्तार प्रदेश की संबंधित कृषि उपज मंडी समितियों में किया जाएगा। इससे मंडियों में कृषि उपज के आवागमन और विपणन से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने का मार्ग प्रशस्त होगा।

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