रेल यात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित और धूम्रपान-मुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उत्तर पश्चिम रेलवे ने रेल परिसरों और ट्रेनों में धूम्रपान करने वालों के खिलाफ जुलाई माह में सख्त अभियान चलाया। अभियान के तहत रेलवे ने 38 स्टेशनों और 231 ट्रेनों में जांच करते हुए धूम्रपान करने वाले 269 व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई की तथा उनसे कुल 5.38 लाख रुपये का जुर्माना वसूला।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री अमित सुदर्शन ने बताया कि रेलवे यात्रियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रेल परिसरों एवं ट्रेनों को धूम्रपान-मुक्त बनाए रखने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। इसी क्रम में जुलाई माह के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की गई।

कार्रवाई के दौरान अजमेर मंडल में 92 व्यक्तियों से 1.84 लाख रुपये, बीकानेर मंडल में 29 व्यक्तियों से 58 हजार रुपये, जयपुर मंडल में 55 व्यक्तियों से 1.10 लाख रुपये तथा जोधपुर मंडल में 68 व्यक्तियों से 1.36 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। इसके अलावा प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक स्क्वाड ने 25 व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।

रेलवे के अनुसार, जन विश्वास अधिनियम 2026 के प्रावधानों के तहत रेल परिसर अथवा ट्रेन में धूम्रपान करना दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में दोषी व्यक्ति पर 2,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है तथा उसका टिकट अथवा पास भी जब्त किया जा सकता है।

उत्तर पश्चिम रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे रेल परिसरों और ट्रेनों में धूम्रपान से परहेज करें तथा स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ यात्रा वातावरण बनाए रखने में रेलवे का सहयोग करें।

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