उत्तर पश्चिम रेलवे ने अलवर से शुरू किया बाजरा परिवहन, मिलेगा लाखों का राजस्व
बीडीयू के प्रयासों से अलवर गुड्स शेड से दक्षिण भारत के लिए बाजरे की आपूर्ति शुरू हुई है, जिससे रेलवे को 1.6 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व प्राप्त होगा।
अलवर गुड्स शेड से दक्षिण भारत के लिए बाजरे की बोरियों को रैक में लोड किया जा रहा है।
उत्तर पश्चिम रेलवे ने अलवर गुड्स शेड से बाजरा परिवहन की नई शुरुआत कर मालभाड़ा कारोबार के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। दक्षिण भारत के विभिन्न गंतव्यों तक बाजरे की आपूर्ति के लिए शुरू हुई इस पहल से रेलवे को लाखों रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा। एक रैक का लदान पूरा हो चुका है, जबकि दूसरे रैक में लदान की प्रक्रिया जारी है।
उत्तर पश्चिम रेलवे की बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट के निरंतर प्रयासों से अलवर गुड्स शेड से बाजरा लदान का सफलतापूर्वक शुभारंभ किया गया है। इस पहल के तहत पहला रैक दक्षिण रेलवे के तिरुप्पूर के लिए रवाना किया गया है। इस रैक के 42 वैगनों में 2,578.80 मिलियन टन बाजरे का लदान किया गया है। इससे रेलवे को लगभग 82.79 लाख रुपये का मालभाड़ा राजस्व प्राप्त होगा। इस रैक की परिवहन दूरी 2,562 किलोमीटर है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि अलवर से दूसरा रैक दक्षिण पश्चिम रेलवे के क्याटसांद्रा गुड्स टर्मिनल के लिए लोड किया जा रहा है। इस रैक के परिवहन से लगभग 80.46 लाख रुपये का मालभाड़ा राजस्व प्राप्त होने का अनुमान है। इसकी परिवहन दूरी 2,323 किलोमीटर है।
दक्षिण भारत के लिए माल परिवहन की संभावनाओं को देखते हुए उत्तर पश्चिम रेलवे ने इस गतिविधि का विस्तार करने की योजना बनाई है। तिरुप्पूर और क्याटसांद्रा सहित दक्षिण भारत के विभिन्न गंतव्यों के लिए लगभग 10 से 12 अतिरिक्त रैक लदान की योजना तैयार की गई है। इनमें से 3 से 4 अतिरिक्त रैक का लदान इसी माह किए जाने की संभावना है।
अलवर गुड्स शेड से बाजरा लदान की शुरुआत उत्तर पश्चिम रेलवे की बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट के प्रयासों की महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। माल परिवहन को प्रोत्साहित करने, नए ग्राहकों को रेलवे से जोड़ने और गैर-पारंपरिक माल यातायात के नए अवसर विकसित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को इससे गति मिलेगी। इस पहल से रेलवे के मालभाड़ा राजस्व में वृद्धि के साथ क्षेत्र के व्यापारियों को भी अपने उत्पादों के परिवहन के लिए रेल सुविधा का बेहतर विकल्प उपलब्ध होगा।