जयपुर में भाजपा की पदयात्रा से कांग्रेस पर हमला, अश्विनी वैष्णव से भजनलाल शर्मा तक ने साधा निशाना
जयपुर में भाजपा की लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा के दौरान अश्विनी वैष्णव, संजय भाटिया, मदन राठौड़ और भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस को घेरा। एसआईआर, ईवीएम, मतदाता सूची और पूर्ववर्ती सरकार के मुद्दों पर नेताओं ने क्या कहा?
जयपुर में भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के खिलाफ लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ अभियान के तहत पदयात्रा निकालकर एसआईआर और चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार किया। गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान से त्रिपोलिया गेट तक निकाली गई इस पदयात्रा में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव, भाजपा प्रदेश प्रभारी संजय भाटिया, प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और संगठन महामंत्री अजेय कुमार सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल हुए। पदयात्रा से पहले रामलीला मैदान में आयोजित जनसभा में भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर झूठ फैलाने, लोकतांत्रिक संस्थाओं पर सवाल उठाने और राजनीतिक लाभ के लिए अराजकता पैदा करने के आरोप लगाए।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस एसआईआर को लेकर झूठ फैलाकर अराजकता पैदा करना चाहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में 10 बार एसआईआर हो चुकी है और ईवीएम भी कांग्रेस की ही देन है। इसके बावजूद कांग्रेस मुद्दाविहीन होने के कारण अराजकता फैलाने और लोकतांत्रिक संस्थाओं तथा संविधान की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाने का महापाप कर रही है।
वैष्णव ने कहा कि मतदाता सूची के शुद्धिकरण की प्रक्रिया पहले भी होती रही है। ईवीएम पर सवाल उठाने वाली कांग्रेस को चुनाव परिणामों के समय अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि चर्चा सोशल मीडिया पर नहीं, बल्कि सदन में होनी चाहिए। राहुल गांधी को संसद में आकर बहस करनी चाहिए। अग्निवीर योजना पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस शुरुआत से ही इस योजना पर सवाल उठाती रही है, जबकि इसमें दो साल का एक्सटेंशन दिए जाने से युवाओं में उत्साह है।
भाजपा प्रदेश प्रभारी संजय भाटिया ने कहा कि पार्टी पदयात्रा के माध्यम से कांग्रेस की ओर से एसआईआर को लेकर बार-बार फैलाए जा रहे झूठ के खिलाफ सड़क पर उतरी है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि देश में खतरा पैदा करने और देशवासियों के अवसर छीनने वाले घुसपैठियों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, तो इंडी गठबंधन को इससे परेशानी क्यों है? इसी तरह जिन लोगों का निधन हो चुका है, उनके नाम मतदाता सूची से हटाने पर कांग्रेस को आपत्ति क्यों है?
भाटिया ने आरोप लगाया कि झूठ बोलना, अराजकता फैलाना, बार-बार लोगों को भड़काना और किसानों को गुमराह करना कांग्रेस की राजनीति का हिस्सा बन गया है। कांग्रेस झूठ के सहारे सत्ता हासिल करना चाहती है। उन्होंने कहा कि एमएलसी चुनाव बैलेट पेपर से हुए, लेकिन कांग्रेस वहां भी पूरी तरह विफल रही और उसे सफलता नहीं मिली।
उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि यदि उसे चुनाव प्रक्रिया और लोकतंत्र पर विश्वास नहीं है, तो वह चुनाव में हिस्सा क्यों लेती है? भाटिया ने कहा कि कांग्रेस जब चुनाव जीतती है तो जीत का जश्न मनाती है, लेकिन हारने पर चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाने और गड़बड़ी के आरोप लगाने लगती है। उन्होंने कांग्रेस को अपने इस दोहरे रवैये पर आत्मचिंतन करने की सलाह दी।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने विपक्ष पर सत्ता हासिल करने के लिए बिन पानी मछली की तरह तड़पने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता अराजकता फैलाकर सत्ता प्राप्त करना चाहते हैं। जंतर-मंतर पर पूरे देश ने देखा कि किस तरह भाड़े के लोगों को लाकर प्रदर्शन किया गया। राठौड़ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज ऐसे लोगों के साथ खड़ी है, जो भगवान श्रीराम को गाली देते हैं, राष्ट्र के टुकड़े करने की बात करते हैं और राष्ट्रीय गीत का अपमान करते हैं। उनके अनुसार, कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी ऐसे लोगों के साथ खड़े नजर आते हैं।
राठौड़ ने दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी की ओर से एक महिला पुलिसकर्मी की पीठ पर हाथ रखने की घटना को शर्मनाक बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आचरण वाले व्यक्ति को नेता प्रतिपक्ष कहते हुए भी शर्म आती है। राठौड़ ने आरोप लगाया कि देश का विभाजन सत्ता के लिए कांग्रेस ने किया था और अब सत्ता हासिल करने के लिए कांग्रेस देश में अराजकता फैलाने का काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि बाबा साहब ने राहुल गांधी जैसे लोगों के लिए ही भविष्यवाणी करते हुए कहा था कि लोकतंत्र के फैसले संसद में ही होते हैं। जिस दिन सड़क पर फैसले लेने की बात आने लगेगी, उस दिन लोकतंत्र के बजाय अराजकता की स्थिति होगी।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जनसभा में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आज वही कांग्रेस लोकतंत्र की बात कर रही है, जिसने कई बार लोकतंत्र का गला घोंटा है। उन्होंने जोधपुर की सभा का जिक्र करते हुए कहा कि वहां उन्होंने कुछ कहा था, जिस पर कांग्रेस तिलमिला उठी। मुख्यमंत्री ने कहा, "सच तो अभी और बाकी है, आगे आगे देखिए होता है क्या।"
शर्मा ने पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल से जुड़े आरपीएससी सदस्य की नियुक्ति, विशेषाधिकारी की स्वीकारोक्ति, तत्कालीन मंत्री के जेल जाने और जल जीवन मिशन में घोटाले के मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आरोपों से बचने के बजाय इन मामलों पर जवाब दे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस में होड़ मची हुई है कि कौन क्या बोले और मुख्यमंत्री उस पर जवाब दें, ताकि संबंधित नेता का राजनीतिक कद बढ़ सके। हालांकि, राजनीतिक कद बयान देने या जवाब पाने से नहीं, बल्कि जनता के बीच जाकर काम करने से बढ़ता है। उन्होंने कांग्रेस को 34 महीने बनाम पांच साल के कार्यकाल का हिसाब जनता के सामने रखने की चुनौती भी दी।
शर्मा ने कहा कि भाजपा पहले भी कांग्रेस को चुनौती दे चुकी है कि वह सदन में आकर बहस करे, लेकिन कांग्रेस चर्चा के लिए तैयार नहीं होती। उनके अनुसार, कांग्रेस को पता है कि पांच साल के कार्यकाल में जनता के शोषण के अलावा कोई काम नहीं किया गया।
रामलीला मैदान से शुरू हुई पदयात्रा चौड़ा रास्ता होते हुए त्रिपोलिया गेट तक पहुंची। इसमें पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक परनामी, डॉ. अरूण चतुर्वेदी, प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी, उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, कैबिनेट मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और सांसद मंजू शर्मा सहित पार्टी के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
भाजपा के इस अभियान के तहत जयपुर में निकाली गई पदयात्रा के दौरान पार्टी के केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व ने एसआईआर, मतदाता सूची के शुद्धिकरण, ईवीएम, चुनाव प्रक्रिया और विपक्ष की राजनीतिक भूमिका को लेकर कांग्रेस पर सीधे हमले किए। वहीं, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस से जवाब मांगा।