राजस्थान सहकारिता विभाग की बड़ी समीक्षा: ब्यावर, टोंक और उदयपुर भंडारों को मिली रैंकिंग
जयपुर में डॉ. समित शर्मा ने सहकारिता विभाग की तीन प्रमुख संस्थाओं और जिला भंडारों के कामकाज की समीक्षा की। अक्टूबर-2026 की रैंकिंग में ब्यावर, टोंक और उदयपुर ने स्थान हासिल किया, वहीं कमजोर बैंकों को लेकर भी निर्देश दिए गए।
जयपुर में शासन सचिव एवं रजिस्ट्रार सहकारिता डॉ. समित शर्मा ने 05 नवम्बर को नेहरू सहकार भवन में राजस्थान राज्य क्रय-विक्रय सहकारी संघ लिमिटेड, राजस्थान उपभोक्ता सहकारी संघ लिमिटेड और राज्य भूमि विकास बैंक के कामकाज की समीक्षा की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में क्रय-विक्रय सहकारी समितियों और सहकारी उपभोक्ता भंडारों के प्रदर्शन का भी आकलन किया गया। विभागीय मापदंडों और प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (केपीआई) के आधार पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले भंडारों एवं समितियों को रैंकिंग दी गई।
राजस्थान राज्य क्रय-विक्रय सहकारी संघ लिमिटेड के कामकाज की समीक्षा के दौरान डॉ. शर्मा ने गोदामों की जियो-टैगिंग कराने और उनकी उपयोगिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही गोदामों की एईबीएएस पर मैपिंग कराने को कहा गया। क्रय-विक्रय सहकारी समितियों की ओर से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर की जा रही खरीद और गोदाम निर्माण की स्थिति की भी विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में आगामी दिसम्बर माह में व्क्व्च् द्वारा छव्छ डैच् च्तवकनबजे को भी बेचने, सीताफल के पल्प और ऑर्गेनिक उत्पादों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए। फर्टिलाइजर की मांग के संबंध में भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। एमएसपी खरीद की प्रगति पर जानकारी देते हुए बताया गया कि तीन दिन में ही 50 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है। हालांकि, फसल कम होने की स्थिति भी सामने रखी गई। व्क्व्च् की प्रगति की समीक्षा के लिए केपीआई आधारित रैंकिंग पर जोर दिया गया। किसानों के फर्टिलाइजर और एमएसपी खरीद के पंजीकरण की प्रक्रिया 02.11.2026 से शुरू कर दी गई है।
राजस्थान उपभोक्ता सहकारी संघ लिमिटेड के अंतर्गत जिला भंडारों के प्रदर्शन की समीक्षा में पेंशनर्स, राज्य कर्मचारियों और आमजन को गुणवत्तायुक्त दवाइयां उपलब्ध कराने, उपभोक्ता सामग्री की आपूर्ति, जेनेरिक दवाओं की उपलब्धता और प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र खोलने जैसे कार्यों को केपीआई का आधार बनाया गया। अक्टूबर-2026 के प्रदर्शन के आधार पर ब्यावर भंडार ने पहला, टोंक भंडार ने दूसरा और उदयपुर भंडार ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।
डॉ. शर्मा ने आरजीएचएस योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने लाभार्थियों और आमजन को गुणवत्तायुक्त दवाइयां उपलब्ध कराने के साथ सस्ती एवं जेनेरिक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उचित दरों पर गुणवत्तायुक्त उपभोक्ता सामग्री उपलब्ध कराने तथा प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्रों पर दवाइयों की उपलब्धता और बिक्री पर ध्यान देने को कहा।
बैठक में भंडारों की अनुपयोगी परिसंपत्तियों का उपयोग करने, संपत्ति संबंधी लेखों का उचित संधारण और ऑडिट कराने, समितियों की कार्यकारिणी की बैठकें आयोजित करने तथा वित्तीय प्रबंधन में सुधार के निर्देश भी दिए गए। इसके साथ ही लाभप्रदाता एवं कार्यालयों के रखरखाव, पुराने रिकॉर्ड के निस्तारण, कार्यों के विविधीकरण और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।
राजस्थान राज्य भूमि विकास बैंक की समीक्षा के दौरान रजिस्ट्रार सहकारिता ने प्राथमिक भूमि विकास बैंकों को ऋण वसूली नहीं होने की स्थिति में संबंधित मामलों में कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी प्राथमिक बैंकों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप ही ऋण वितरण करने और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने को कहा। अवधिपार प्रकरणों की शत-प्रतिशत ऋण पत्रावलियां पोर्टल पर अपलोड कराने और दस्तावेजों की जांच सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
केपीआई के आधार पर प्राथमिक भूमि विकास बैंकों के प्रदर्शन की समीक्षा में कर्मचारियों की कमी का मुद्दा भी सामने आया। बताया गया कि अधिकतर बैंकों में स्टाफ की संख्या कम नहीं की गई है। वहीं, भीलवाड़ा और अजमेर केकड़ी जैसे बैंकों की स्थिति बेहद कमजोर बताई गई।
बैठक में सहकारी संस्थाओं के कामकाज, वित्तीय अनुशासन, एमएसपी खरीद, उपभोक्ताओं को सेवाओं की उपलब्धता और बैंकिंग गतिविधियों की प्रगति का आकलन करते हुए प्रदर्शन आधारित रैंकिंग और सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।