प्रधानमंत्री मोदी सरकार में महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता, निर्भया कोष से राजस्थान को मिले 31.75 करोड़
निर्भया कोष के तहत 2025-26 में 548.06 करोड़ रुपए जारी हुए, राजस्थान को 31.75 करोड़ मिले। मदन राठौड़ ने सदन में जानकारी दी।
तस्वीर में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ जयपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बात करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
जयपुर, 13 अगस्त 2026। राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। महिला सुरक्षा के लिए बनाए गए ‘निर्भया कोष’ के माध्यम से राज्यों में सुरक्षा संबंधी परियोजनाओं और सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।
मदन राठौड़ ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में निर्भया कोष के तहत देश के विभिन्न राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के लिए कुल 548.06 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई। इसमें से राजस्थान को 31.75 करोड़ रुपए प्राप्त हुए। राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ के सवाल के जवाब में महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर ने सदन को यह जानकारी दी।
राठौड़ ने बताया कि केंद्र सरकार की ओर से ‘मिशन शक्ति’ के तहत ‘वन स्टॉप सेंटर’ महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण सहायता तंत्र के रूप में काम कर रहे हैं। इन केंद्रों का उद्देश्य हिंसा से प्रभावित और संकटग्रस्त महिलाओं को एक ही स्थान पर विभिन्न प्रकार की आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान देशभर में 137 वन स्टॉप सेंटर कार्यशील बनाए गए।
इन केंद्रों पर महिलाओं को चिकित्सा सहायता, कानूनी सहायता एवं सलाह, अस्थायी आश्रय, पुलिस सहायता तथा मनो-सामाजिक परामर्श जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। यह व्यवस्था ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों सहित जरूरतमंद महिलाओं तक सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से संचालित की जा रही है। महिलाओं को किसी संकट की स्थिति में अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसी उद्देश्य से ‘वन स्टॉप सेंटर’ के माध्यम से विभिन्न सेवाओं को एकीकृत किया गया है। यह व्यवस्था पीड़ित महिलाओं को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
सांसद मदन राठौड़ ने बताया कि महिला सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ‘महिला हेल्पलाइन-181’ भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह हेल्पलाइन महिलाओं को आपातकालीन और गैर-आपातकालीन दोनों परिस्थितियों में 24 घंटे निःशुल्क दूरसंचार सहायता उपलब्ध कराती है। हेल्पलाइन-181 के माध्यम से हिंसा से प्रभावित महिलाओं को सहायता देने के साथ-साथ उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं के संबंध में जानकारी भी उपलब्ध कराई जाती है।
राठौड़ ने कहा कि केंद्र सरकार निर्भया कोष की राशि उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि योजनाओं के क्रियान्वयन और खर्च की निगरानी के लिए भी संस्थागत व्यवस्था बनाई गई है। जिन परियोजनाओं में आवर्ती व्यय की आवश्यकता होती है, उनमें उपयोग प्रमाण-पत्र और व्यय विवरण प्राप्त होने के बाद नियमानुसार धनराशि जारी की जाती है।
राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण को अपनी नीतियों का महत्वपूर्ण आधार बनाया है। निर्भया कोष, वन स्टॉप सेंटर और महिला हेल्पलाइन जैसी व्यवस्थाएं इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा हैं।