तस्वीर में कोलकाता मेट्रो की टनल बोरिंग मशीन ‘दिव्या’ सुरंग निर्माण स्थल पर दिखाई दे रही है।

कोलकाता, 11 अगस्त 2026। कोलकाता मेट्रो की पर्पल लाइन पर मंगलवार को एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज हुई। टनल बोरिंग मशीन (TBM) ‘दिव्या’ ने विक्टोरिया मेट्रो स्टेशन पर सफलतापूर्वक ब्रेकथ्रू किया। इसके साथ ही जोका-एस्प्लेनेड मेट्रो कॉरिडोर के खिदिरपुर और विक्टोरिया के बीच दूसरी अंडरग्राउंड सुरंग का निर्माण कार्य भी पूरा हो गया।

TBM ‘दिव्या’ ने खिदिरपुर से विक्टोरिया तक 1.72 किलोमीटर लंबी सुरंग का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा किया। यह उपलब्धि कोलकाता के शहरी मास ट्रांजिट नेटवर्क को मजबूत करने के साथ जोका-एस्प्लेनेड मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण कार्य को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

6.60 मीटर व्यास वाली EPB (Earth Pressure Balance) प्रकार की TBM ‘दिव्या’ को कोलकाता की नरम मिट्टी और ऊंचे भूजल स्तर जैसी चुनौतीपूर्ण भूगर्भीय परिस्थितियों में सुरंग निर्माण के लिए डिजाइन किया गया है। लगभग 95 मीटर लंबी और करीब 600 टन वजनी इस TBM के माध्यम से सुरंग का निर्माण किया गया।

सुरंग की लाइनिंग के लिए M50 ग्रेड के प्रीकास्ट कंक्रीट सेगमेंट का इस्तेमाल किया गया है। निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा और गुणवत्ता के उच्च मानकों का विशेष ध्यान रखा गया। घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में सुरंग निर्माण के साथ सामान्य सड़क यातायात और दैनिक गतिविधियों को भी सुचारु रूप से जारी रखा गया।

TBM ‘दिव्या’ का सफल ब्रेकथ्रू परियोजना से जुड़ी टीमों की इंजीनियरिंग विशेषज्ञता, सावधानीपूर्वक योजना, तकनीकी दक्षता और प्रभावी समन्वय का परिणाम है। चुनौतीपूर्ण भूगर्भीय परिस्थितियों के बावजूद सुरंग निर्माण कार्य को सुरक्षित रूप से और निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा किया गया।

यह उपलब्धि 10 जुलाई 2026 को पर्पल लाइन पर TBM ‘दुर्गा’ के सफल ब्रेकथ्रू के बाद हासिल हुई है। TBM ‘दुर्गा’ ने खिदिरपुर और विक्टोरिया के बीच पहली अंडरग्राउंड सुरंग का निर्माण पूरा किया था।

दोनों TBM के सफल ब्रेकथ्रू के साथ खिदिरपुर-विक्टोरिया खंड में दोनों सुरंगों का निर्माण पूरा हो गया है। इससे जोका-एस्प्लेनेड मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण कार्य को महत्वपूर्ण गति मिली है और पर्पल लाइन के इस खंड में अंडरग्राउंड सुरंग निर्माण का अहम चरण पूरा हो गया है।

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