रेलवे ट्रैक के पास खड़ी भारतीय रेलवे की एक ट्रेन कोच दिखाई दे रही है।

जोधपुर रेलवे स्टेशन पर अब कचरा प्रबंधन की व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जा रहा है। उत्तर पश्चिम रेलवे की ओर से स्टेशन परिसर में 240 लीटर क्षमता वाला स्मार्ट कूड़ेदान स्थापित किया जा रहा है। सेंसर और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी) तकनीक से लैस यह कूड़ेदान कचरे के भरने से लेकर उसके संग्रहण तक की निगरानी करेगा। इससे स्टेशन पर स्वच्छता व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

एनएसजी-2 श्रेणी के जोधपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की अधिक आवाजाही को देखते हुए यह पहल की गई है। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री अमित सुदर्शन के अनुसार, स्मार्ट कूड़ेदान में आधुनिक सेंसर और आईओटी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। सेंसर लगातार कचरे के स्तर की निगरानी करेंगे और कूड़ेदान के निर्धारित क्षमता के करीब पहुंचने पर संबंधित अधिकारियों को तत्काल अलर्ट भेजेंगे। इससे समय पर कचरा संग्रहण सुनिश्चित किया जा सकेगा।

इस स्मार्ट कूड़ेदान में विशेष कॉम्पैक्टर भी लगाए गए हैं, जो कचरे को दबाकर उसका आयतन कम करेंगे। इससे कूड़ेदान की भंडारण क्षमता बढ़ेगी और कचरा उठाने के लिए बार-बार आने की जरूरत कम होगी। वहीं, आईओटी आधारित कनेक्टेड मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से कचरा संग्रहण टीमें कूड़ेदान की स्थिति और उसमें भरे कचरे के स्तर की जानकारी प्राप्त कर सकेंगी। इससे संग्रहण प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और समयबद्ध बनाया जा सकेगा।

स्मार्ट कूड़ेदान में जीपीएस ट्रैकिंग और मौसम प्रतिरोधी डिजाइन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। इन तकनीकों से कूड़ेदान की निगरानी और संचालन सुविधाजनक होगा। इसकी विशेष तकनीक पारंपरिक कूड़ेदानों की तुलना में 58 गुना अधिक प्रभावी भंडारण क्षमता प्रदान करती है।

समय पर कचरा संग्रहण होने से कूड़ेदान के ओवरफ्लो होने, आसपास कचरा फैलने और गंदगी की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकेगा। जोधपुर रेलवे स्टेशन पर स्मार्ट कूड़ेदान की स्थापना से कचरा प्रबंधन व्यवस्था को तकनीक आधारित और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही यात्रियों को स्वच्छ एवं बेहतर स्टेशन परिसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रेलवे की आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल स्वच्छता व्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।

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