महाराणा प्रताप जयंती पर जयपुरिया अस्पताल में रक्तदान शिविर: राज्यपाल ने किया सहभागियों का सम्मान, जनसेवा के लिए बढ़ाया उत्साह
महाराणा प्रताप जयंती पर जयपुरिया अस्पताल में आयोजित रक्तदान शिविर में राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने भाग लेकर रक्तदाताओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम में जनसेवा का संदेश और समाज में रक्तदान के महत्व पर विशेष जोर दिया गया, जिसने आयोजन को बेहद प्रभावशाली बना दिया।
जयपुर के जयपुरिया अस्पताल में महाराणा प्रताप जयंती पर आयोजित रक्तदान शिविर के दौरान रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित करते राजस्थान के राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे (नारंगी जैकेट में)।
महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर जयपुरिया अस्पताल में आयोजित रक्तदान शिविर में उस समय विशेष गरिमा जुड़ गई जब राजस्थान के राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे स्वयं कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया और उन्हें प्रमाणपत्र प्रदान कर सम्मानित किया। राज्यपाल की उपस्थिति ने पूरे आयोजन को जनसेवा और सामाजिक जागरूकता के संदेश से और अधिक प्रभावशाली बना दिया।
राज्यपाल श्री बागडे ने रक्तदान शिविर की सराहना करते हुए कहा कि रक्तदान मानवता की सेवा का सबसे महत्वपूर्ण और जीवनरक्षक दान है, जो जरूरतमंद मरीजों को समय पर सटीक उपचार उपलब्ध कराने में निर्णायक भूमिका निभाता है। उन्होंने इस अवसर पर रक्तदान प्रक्रिया से जुड़े तकनीकी कर्मियों और चिकित्सकों के कार्य की भी प्रशंसा की और उनके योगदान को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। राज्यपाल ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि ऐसे शिविरों में अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए, जिससे समाज में रक्त की निरंतर उपलब्धता बनी रहे।
इस कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एवं विधायक श्री कालीचरण सराफ भी उपस्थित रहे। उनकी उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया। पूरे शिविर में रक्तदाताओं का उत्साह देखते ही बनता था, जहां जनसेवा की भावना के साथ लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
यह रक्तदान शिविर न केवल एक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम साबित हुआ, बल्कि इसने समाज में सहयोग, सेवा और मानवीय मूल्यों को भी मजबूती से रेखांकित किया। महाराणा प्रताप जयंती के पावन अवसर पर आयोजित यह आयोजन जनसेवा की उस परंपरा को आगे बढ़ाता नजर आया, जिसमें सामाजिक जिम्मेदारी और मानव कल्याण को सर्वोच्च स्थान दिया जाता है।