तस्वीर में राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे उदयपुर के कैलाशपुरी स्थित बप्पा रावल पैनोरमा का अवलोकन करते हुए नजर आ रहे हैं।

राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने रविवार को उदयपुर के कैलाशपुरी स्थित गांव मथाथा पहुंचकर मेवाड़ के संस्थापक बप्पा रावल की घोड़े पर सवार भव्य प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धा निवेदित की। उन्होंने बप्पा रावल के गौरवमय इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने का आह्वान किया।

राज्यपाल श्री बागडे ने प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद वहीं निर्मित बप्पा रावल पैनोरमा का अवलोकन किया। उन्होंने पैनोरमा में प्रदर्शित इतिहास से जुड़ी विभिन्न घटनाओं और उनके आलोक में निर्मित प्रतिमाओं को देखा।


 


इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि बप्पा रावल केवल मेवाड़ के संस्थापक ही नहीं थे, बल्कि भारतीय इतिहास को गौरव प्रदान करने वाले महान योद्धा भी थे। उन्होंने बप्पा रावल से जुड़े ऐतिहासिक प्रसंगों का स्मरण करते हुए कहा कि बप्पा रावल ने अरबों को भारत से खदेड़ा और उसके बाद 100 साल तक अरब भारत की ओर रुख नहीं कर सके थे।

राज्यपाल ने कहा कि बप्पा रावल जैसे प्रतापी शासक के गौरवमय इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए। बप्पा रावल पैनोरमा में प्रदर्शित ऐतिहासिक घटनाओं और प्रतिमाओं के माध्यम से उनके इतिहास से नई पीढ़ी को जोड़ने पर भी उन्होंने जोर दिया।

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