अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस: राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने युवा संसद को संबोधित किया
राज्यपाल ने युवाओं से विकसित भारत के संकल्प में भागीदारी का आह्वान करते हुए लोकतंत्र और संसदीय मूल्यों को मजबूत करने पर जोर दिया।
राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने कहा कि सबके लिए न्याय, शांति, विकास और मानवाधिकारों के प्रति समर्पित होकर कार्य करना ही लोकतंत्र का सबसे बड़ा आधार है। लोकतंत्र का अर्थ ही है विकास में सभी नागरिकों की समान भागीदारी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र संवाद से संपन्न होता है और संवाद से सुसंवाद तथा सुसंवाद से मैत्री के रास्ते निकलते हैं।
जयपुर में मंगलवार को इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान में अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के अवसर पर "भारतीय युवा संसद" का 31वां अधिवेशन आयोजित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने भारत को विश्व का सबसे युवा राष्ट्र बताया और कहा कि युवा ही भारत की शान है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प में युवाओं से सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने कहा कि लोकतंत्र को मजबूत करना है तो हमें न्याय नीति से चलना होगा। उन्होंने युवाओं से अच्छी बातों को आत्मसात करने का आह्वान किया और कहा कि यही जीवन भर काम आएगी। अच्छी बातों को ग्रहण करने से विवेक जागृत होता है और विवेक से ही समाज में प्रतिष्ठा बनती है।
श्री बागडे ने संसद भवन के निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि अंग्रेजों ने 1921 में दिल्ली में 80 लाख व्यय कर पुराने संसद भवन का निर्माण प्रारंभ किया और छह साल में इसे पूरा किया। इससे पहले अंग्रेज राइटर हाउस, कलकता से सारे आदेश निकलते थे। उन्होंने कहा कि पुराने संसद भवन का निर्माण सौ साल को ध्यान में रखते हुए किया गया था। इसी कारण प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सुनियोजित रूप में विचार कर देश के लिए नए संसद भवन का निर्माण करवाया।
राज्यपाल ने कहा कि संसद केवल निर्मित भवन नहीं, बल्कि लोकतंत्र का पवित्र मंदिर है। संविधान वहां का देवता है। यह भावना जिसके मन में रहेगी, वह कभी संसद में असंसदीय भाषा का प्रयोग नहीं करेगा। उन्होंने युवाओं से संसदीय लोकतंत्र के प्रहरी के रूप में कार्य करने पर जोर दिया।
श्री बागडे ने कहा कि लोकतंत्र में विश्वास अर्जित करना जरूरी है। विश्वास के साथ लोकतंत्र में समझदारी होना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि समझदारी ही सबसे बड़ा सद्गुण है। राज्यपाल ने युवाओं से इन सभी बातों को आत्मसात करने का आह्वान किया।
इससे पहले गुजरात सरकार में राज्य मंत्री श्रीमती रिवाबा जाडेजा ने लोकतंत्र में साझा समझ विकसित किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश को युवा धन की सबसे बड़ी आवश्यकता है और इसी से देश तेजी से आगे बढ़ेगा।
अंतरराष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस पर आयोजित भारतीय युवा संसद का यह अधिवेशन लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी, संवाद, विश्वास, समझदारी और संसदीय मूल्यों को आत्मसात करने के संदेश के साथ संपन्न हुआ।