तस्वीर में राजस्थान पुलिस के जवान चित्तौड़गढ़ में जब्त अवैध मादक पदार्थों और स्कॉर्पियो के पास खड़े हैं।

जयपुर में महानिदेशक पुलिस राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार प्रदेश में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी एवं संगठित अपराध के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत राजस्थान पुलिस द्वारा लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में महानिरीक्षक पुलिस उदयपुर रेंज गौरव श्रीवास्तव के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत चित्तौड़गढ़ जिले की भैंसरोड़गढ़ थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक संदिग्ध स्कॉर्पियो से 324 किलो 420 ग्राम अवैध डोडा चूरा, 1 किलो 920 ग्राम अवैध अफीम, 12 बोर के 8 जिंदा कारतूस, पिस्टल के 4 जिंदा कारतूस तथा 8 अलग-अलग नंबर प्लेटें बरामद की हैं। पुलिस ने मादक पदार्थ, कारतूस एवं नंबर प्लेटों सहित स्कॉर्पियो को जब्त कर लिया है।

जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि ऑपरेशन त्रिनेत्र के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रावतभाटा गोपाल सिंह कानावत आरपीएस एवं पुलिस उप अधीक्षक रावतभाटा शंकर लाल मीणा के सुपरविजन में थानाधिकारी भैंसरोड़गढ़ कमलचंद मीणा के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम गठित की गई थी।

प्रकरण के अनुसार 30 अगस्त को पुलिस टीम द्वारा श्रीपुरा से आगे पुलिया पर नाकाबंदी की जा रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध स्कॉर्पियो को रुकने का इशारा किया गया। पुलिस को देखकर चालक स्कॉर्पियो को वापस धांगड़मऊ की ओर मोड़कर तेज गति से भगाने लगा। पुलिस टीम ने पीछा करते हुए धांगड़मऊ चौकी के जाप्ते को सूचना दी। सूचना मिलने पर धांगड़मऊ चौकी का पुलिस जाप्ता सरकारी बोलेरो वाहन से धांगड़मऊ की तरफ से श्रीपुरा की ओर रवाना हुआ। सामने से आती संदिग्ध स्कॉर्पियो को रोकने का प्रयास करने पर चालक ने सरकारी बोलेरो को टक्कर मार दी, जिससे दोनों वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गए। इसके बाद स्कॉर्पियो चालक और उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल की ओर फरार हो गए।

पुलिस टीम ने जब संदिग्ध स्कॉर्पियो की तलाशी ली तो उसमें 324 किलो 420 ग्राम अवैध डोडा चूरा एवं 1 किलो 920 ग्राम अवैध अफीम मिली। इसके अलावा वाहन से 12 बोर के 8 जिंदा कारतूस, पिस्टल के 4 जिंदा कारतूस तथा 8 अलग-अलग नंबरों की नंबर प्लेटें भी बरामद हुईं।

पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ, कारतूस एवं नंबर प्लेटों को जब्त करते हुए स्कॉर्पियो को भी कब्जे में ले लिया है। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में थानाधिकारी कमलचंद मीणा, कांस्टेबल धर्मेंद्र, भागीरथ, लक्ष्मण, ब्रजराज एवं सोनूराम शामिल रहे। वर्तमान में थाना भैंसरोड़गढ़ पर एनडीपीएस एक्ट, आर्म्स एक्ट एवं पीडीपीपी एक्ट की संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर अग्रिम अनुसंधान किया जा रहा है। पुलिस फरार आरोपियों की पहचान एवं तलाश में जुटी है तथा बरामद मादक पदार्थ की तस्करी से जुड़े नेटवर्क के संबंध में भी गहन जांच जारी है।