तस्वीर में राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर में स्वच्छता शपथ लेते हुए कुलपति और अन्य सदस्य।   

बांदरसिंदरी, अजमेर | 01 अक्टूबर 2026। राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय में ‘स्वच्छता ही सेवा अभियान’ के तहत 01 अक्टूबर 2026 को परिसर स्वच्छता अभियान एवं रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। माननीय कुलपति प्रो. आनंद भालेराव के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के स्वयंसेवकों के साथ विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम के दौरान माननीय कुलपति प्रो. आनंद भालेराव ने उपस्थित सभी सदस्यों को ‘स्वच्छता ही सेवा’ की शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि स्वच्छता किसी विशेष अभियान या दिवस तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसे दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार शरीर की स्वच्छता का ध्यान रखा जाता है, उसी प्रकार ‘अपना समाज, अपना दायित्व’ की भावना के साथ आसपास की जगहों को स्वच्छ रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

कुलपति ने विद्यार्थियों को अपनी कक्षाओं, छात्रावासों तथा विश्वविद्यालय परिसर की स्वच्छता बनाए रखने का नियमित अभ्यास करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता का अभ्यास होने से विद्यार्थी शिक्षा पूर्ण करने के बाद जहां भी जाएंगे, वहां स्वच्छता के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे। उन्होंने कहा कि जब प्रत्येक नागरिक स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएगा, तभी स्वच्छ एवं स्वस्थ भारत के निर्माण का लक्ष्य साकार होगा।

मानव सेवा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय के योग विभाग द्वारा संतोबा दुर्लभजी अस्पताल, जयपुर के सहयोग से रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया। इसमें विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया।

रक्तदान शिविर में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ने रक्तदाताओं की स्वास्थ्य जाँच की और उन्हें रक्तदान से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान की। रक्तदान के बाद रक्तदाताओं को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश एवं सावधानियों से भी अवगत कराया गया। शिविर में कुल 94 यूनिट रक्तदान किए गए।

स्वच्छता अभियान एवं रक्तदान शिविर के माध्यम से राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय परिवार ने स्वच्छता, स्वास्थ्य, मानव सेवा एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। कार्यक्रम से विद्यार्थियों एवं विश्वविद्यालय समुदाय में सामाजिक सरोकारों के प्रति जागरूकता और सक्रिय सहभागिता की भावना को और सुदृढ़ किया गया।

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