भजनलाल शर्मा: युवाओं के लिए नई नीतियां और रोजगार का ऐलान
मुख्यमंत्री ने 'सपनों की उड़ान' कार्यक्रम में कहा कि डबल इंजन सरकार युवाओं के कौशल विकास, नशामुक्ति और पारदर्शी भर्तियों के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने युवाओं से संवाद कार्यक्रम को संबोधित किया.
जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ‘सपनों की उड़ान-असंभव कुछ भी नहीं’ कार्यक्रम के तहत युवाओं से संवाद किया और उन्हें संकल्प, अनुशासन, परिश्रम तथा नवाचार के बल पर अपने लक्ष्य हासिल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सामर्थ्यवान, संस्कारवान, ऊर्जावान और नशामुक्त युवा ही विकसित भारत की यात्रा के सच्चे सारथी हैं। युवा अपने सपनों को साकार करें, इसके लिए डबल इंजन सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।
सोमवार, 19 अक्टूबर को आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने युवाओं के अनुभव साझा किए, उनके सुझाव लिए और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। अष्टमी और महानवमी के पावन अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को दृढ़ संकल्प, आत्मविश्वास और निरंतर परिश्रम के साथ आगे बढ़ना चाहिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अपनी संकल्प शक्ति से प्रधानमंत्री ने अनेक ऐसे कार्य संभव किए हैं, जिन्हें पहले असंभव माना जाता था। उनके नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने और अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य पूरे हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में से एक है और युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी पूंजी है। युवाओं में ऊर्जा, नवाचार, कुछ नया करने का जुनून और असंभव को संभव बनाने का साहस है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने युवाओं की क्षमताओं को अवसरों में बदलने के लिए स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया, स्किल इंडिया और अटल इनोवेशन मिशन जैसी पहल शुरू की हैं। इनसे नवाचार, उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ावा मिला है तथा युवाओं के लिए अवसरों का नया इकोसिस्टम तैयार हुआ है।
मुख्यमंत्री ने ‘माय भारत’ प्लेटफॉर्म को युवाओं को राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि राजस्थान में इस प्लेटफॉर्म पर 26 लाख से अधिक युवा पंजीकृत हैं और 1 हजार 700 से अधिक संस्थाएं इससे जुड़ी हुई हैं। प्रधानमंत्री द्वारा युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए शुरू किए गए ‘नशा मुक्त युवा विकसित भारत संकल्प अभियान’ में जनभागीदारी की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी नशामुक्ति के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। प्रदेश के 350 से अधिक महाविद्यालयों, इंजीनियरिंग एवं पॉलिटेक्निक कॉलेजों में ‘नई किरण’ नशामुक्ति केंद्र स्थापित किए गए हैं। ‘राज सवेरा’ के तहत जिला चिकित्सालयों में नशामुक्ति वार्ड स्थापित किए जा रहे हैं। नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है।
युवाओं को खेल, शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री युवा सुयोग पोर्टल शुरू किया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि युवाओं में नेतृत्व और नवाचार की भावना विकसित करने के लिए राजस्थान युवा नीति लागू की गई है। वहीं, राज्य कौशल नीति-2025 के माध्यम से युवाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अब तक 3 लाख 70 हजार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया जा चुका है। प्रदेश के 144 राजकीय आईटीआई में स्मार्ट क्लासरूम स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा 21 नवीन राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज और 76 नए राजकीय महाविद्यालय स्थापित किए गए हैं। सरकार 220 सरकारी कॉलेज भवनों का निर्माण कर चुकी है। प्रदेश में 5 हजार से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत किए गए हैं और 65 आईस्टार्ट लॉन्चपैड नेस्ट स्थापित किए गए हैं। मुख्यमंत्री युवा संबल योजना के तहत चार लाख लाभार्थियों को 1,643 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पेपरलीक के 569 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रदेश में 410 परीक्षाएं बिना पेपरलीक के आयोजित की गई हैं। अब तक 1 लाख 93 हजार पदों पर सरकारी नियुक्तियां दी गई हैं, जबकि 1 लाख 18 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। इसके अतिरिक्त 70 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी। निजी क्षेत्र में भी 5 लाख युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं।
खेलों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए प्रदेश में 17 नए खेलो इंडिया केंद्र शुरू किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि सभी 41 जिला मुख्यालयों पर ‘एक जिला, एक खेल’ योजना के तहत खेल अकादमियां संचालित की जा रही हैं। प्रत्येक ग्राम पंचायत में खेल मैदान विकसित करने की घोषणा भी की गई है। खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए राजस्थान टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम लागू की गई है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से स्वामी विवेकानंद के संदेश ‘उठो, जागो और तब तक नहीं रुको जब तक मंजिल प्राप्त न हो जाए’ को जीवन का मूलमंत्र बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा राष्ट्र निर्माण में लगाएं और विकसित भारत तथा विकसित राजस्थान के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान दें। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार युवाओं के सपनों को पूरा करने के लिए हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।
कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने युवा नीति और उनके कल्याण के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार जताया। पैरा खिलाड़ी विक्रम कुमार मीणा ने आउट ऑफ टर्न नियुक्ति, शिवम वैष्णव ने आई-स्टार्ट योजना से मिले लाभ, मनीषा गोस्वामी ने सहायता राशि, निकिता ने टेली-मानस मानसिक स्वास्थ्य हेल्पलाइन और हीरालाल महावर ने नशामुक्ति के लिए नई किरण योजना के संबंध में मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।
माय भारत वॉलेंटियर अद्विता सिंह और दृष्टिबाधित युवा सचिन सिंह जादौन ने कार्यक्रम का प्रभावी संचालन किया। मुख्यमंत्री ने दोनों उद्घोषकों के आत्मविश्वास और प्रस्तुति की सराहना की। इस दौरान नशामुक्ति पर आधारित नाटिका का मंचन भी किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, खिलाड़ी, राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक, एनसीसी कैडेट और अन्य क्षेत्रों के युवा उपस्थित रहे।