मदन राठौड़ का कांग्रेस पर हमला,कहा-बांग्लादेशी जमात से ले रही प्रेरणा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस पर संविधान विरोधी राजनीति और डीबीटी से सत्ता वापसी रोकने का दावा किया।
जयपुर, 19 अक्टूबर 2026। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस पर संविधान, लोकतांत्रिक संस्थाओं और मतदाता सूचियों को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस की आस्था बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर में नहीं, बल्कि बांग्लादेश की जमात में है। उन्होंने कांग्रेस को झूठ की दुकान बताते हुए आरोप लगाया कि पार्टी तथ्यों के बजाय सुविधाजनक झूठ के सहारे राजनीतिक माहौल बनाने का प्रयास कर रही है। राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) और जनधन के माध्यम से आमजन को ऐसा हथियार दिया है, जिसके बाद कांग्रेस के लिए सत्ता में वापसी दिवास्वप्न बन गई है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस न तो संविधान को मानती है और न ही देश की उन संवैधानिक व्यवस्थाओं को स्वीकार करती है, जिन्हें बाबा साहब अंबेडकर ने देश को मजबूत बनाने के लिए तैयार किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस की आस्था पहले भी बाबा साहब में नहीं रही। उन्हें चुनाव में हराने के लिए कथित तौर पर फर्जी तरीके से वोट निरस्त करने का मामला हो या उनसे जुड़े पंचतीर्थों की सुध नहीं लेने का विषय, ये कांग्रेस के चरित्र को दर्शाते हैं। राठौड़ के अनुसार, भारत के स्वाभिमान को बढ़ाने और देश को अपनी जड़ों से जोड़ने वाले विचारों के प्रति कांग्रेस का कोई लगाव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज जो आंदोलन कर रही है, वह भारतीय संविधान में आस्था के आधार पर नहीं, बल्कि बांग्लादेशी जमात से प्रेरणा लेकर किया जा रहा है।
राठौड़ ने कांग्रेस के ‘मोहब्बत की दुकान’ के नारे पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी बातें मोहब्बत की दुकान की करती है, लेकिन वास्तव में यह झूठ की दुकान है। उनके अनुसार, कांग्रेस के नेता झूठ बोलते हैं और झूठ रचते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले मतदाता सूचियों में फर्जी नाम होने का आरोप लगाती है और अब नाम काटे जाने पर सवाल उठा रही है। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जो नेता कभी हाथ में संविधान की किताब लेकर भाषण देते थे, उनसे पूछा जाना चाहिए कि अब वह संविधान कहां है। राठौड़ ने दावा किया कि अब राहुल गांधी के हाथ में मोबाइल है, जिसमें स्क्रिप्ट लिखी होती है। उन्होंने विदेशी तंत्र से संचालित देश के नेता प्रतिपक्ष के आचरण को गैरजिम्मेदाराना और निंदनीय बताया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि देश की समृद्धि के लिए व्यवसाय जरूरी है। त्योहारों के मौसम में बाजारों में कारोबार बढ़ता है, लेकिन इसी समय आंदोलन के नाम पर नौटंकी करके देश को आर्थिक नुकसान पहुंचाने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का यह रवैया देश की आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित करने का प्रयास है।
राठौड़ ने राजनीति में तथ्यों की जगह सुविधाजनक झूठ के बढ़ते प्रभाव को सबसे दुखद पहलू बताया। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया से लेकर सड़क के मंचों तक बिना किसी सबूत के ऐसे नैरेटिव गढ़े जा रहे हैं, जिनका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है। उनके अनुसार, कांग्रेस चुनाव में हारने पर अपनी संगठनात्मक कमजोरियों की समीक्षा करने के बजाय ईवीएम पर दोष मढ़ देती है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ही झूठ को बार-बार और ऊंचे स्वर में दोहराकर आम जनता के मन में चुनावी व्यवस्था के प्रति स्थायी संदेह पैदा करने का प्रयास किया जाता है। राठौड़ ने कहा कि तथ्यों के बिना किया जाने वाला ऐसा दुष्प्रचार देश के लोकतंत्र की जड़ों को खोखला कर रहा है।
लोकतंत्र में असहमति और विरोधी आवाजों के महत्व पर राठौड़ ने कहा कि रचनात्मक आलोचना और वैचारिक मतभेद किसी भी जीवंत लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ईंधन की तरह काम करते हैं तथा सरकार को निरंकुश होने से रोकते हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि जब असहमति तथ्यों के बजाय अफवाहों पर आधारित हो जाए और संवाद की जगह सड़कों पर हिंसा या संस्थाओं को कमजोर करने की जिद ले ले, तो वह असहमति नहीं, बल्कि अराजकता का रूप धारण कर लेती है।
कांग्रेस पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए राठौड़ ने कहा कि पार्टी के नेता जनता को मिलने वाले एक रुपये में से 85 पैसे खाते रहे हैं, जिसे उनके अनुसार स्वयं राहुल गांधी के पिता ने स्वीकार किया था। उन्होंने कहा कि सत्ता से बाहर होने पर कांग्रेस को ये 85 पैसे नहीं मिलते और यही उसका पेट दर्द है। राठौड़ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को गरीबों की चिंता नहीं है। उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों, महिला पत्रकारों और आम महिलाओं के साथ राहुल गांधी सहित कांग्रेस नेताओं के व्यवहार का जिक्र करते हुए कहा कि जनता सब देख रही है।
राठौड़ ने दावा किया कि मतदान के दौरान देश की जनता कांग्रेस को करारा जवाब देगी और इसके बाद पार्टी फिर वोट चोरी का राग अलापेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश की प्रगति के बीच नफरत का बाजार सजाना चाहती है, ताकि देश को लूटने और आम आदमी के 85 पैसे पर डाका डालने का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से क्रांतिकारी बदलाव किया है और जनधन के रूप में आम जनता को जो हथियार दिया है, उसके बाद कांग्रेस के लिए सत्ता में वापसी दिवास्वप्न बनकर रह गई है।