तस्वीर में भैराना धाम में संत समाज, समिति के प्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी चर्चा करते हुए नजर आ रहे हैं।

दूदू (जयपुर), 5 अगस्त। दूदू का बहुचर्चित "भैराना धाम बचाओ, रीको भगाओ" आंदोलन बुधवार को 117 दिनों बाद समाप्त हो गया। बीचुन गांव में 800 बीघा भूमि पर प्रस्तावित रीको औद्योगिक क्षेत्र के पुनर्नियोजन को लेकर प्रशासन और भैराना धाम बचाओ समिति के बीच सहमति बनने के बाद आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की गई। संत समाज का लगातार जारी धरना जयपुर जिला कलेक्टर संदेश नायक की मौजूदगी में समाप्त हुआ।

बुधवार को जयपुर जिला कलेक्टर संदेश नायक भैराना धाम पहुंचे, जहां उन्होंने संत समाज और समिति के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा की। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया कि प्रस्तावित रीको औद्योगिक क्षेत्र के पुनर्नियोजन के दौरान वर्षा जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, धार्मिक आस्था, स्थानीय रीति-रिवाजों और ऐतिहासिक धरोहरों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इसके साथ ही परिक्रमा मार्ग, दादू खोल और आसपास के क्षेत्र का संरक्षण करते हुए हरित वन विकसित किए जाएंगे।

भैराना धाम के संत रामरतन दास महाराज ने कहा कि सरकार ने समिति की प्रमुख मांगों को स्वीकार करते हुए सकारात्मक पहल की है। इसी विश्वास के आधार पर 117 दिनों से जारी धरना समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।

धरना समाप्ति के दौरान एडीएम युगांतर शर्मा, मौजमाबाद एसडीएम बलवीर सिंह, दूदू डीएसपी अनुपम मिश्रा, थाना प्रभारी सुरेश गुर्जर सहित बड़ी संख्या में साधु-संत, समिति के पदाधिकारी और श्रद्धालु मौजूद रहे।

यह आंदोलन क्षेत्र के सबसे चर्चित जनआंदोलनों में शामिल रहा, जिसमें संत समाज लगातार प्रस्तावित रीको औद्योगिक क्षेत्र का विरोध कर रहा था। प्रशासन और समिति के बीच पुनर्नियोजन को लेकर बनी सहमति के साथ 117 दिनों से जारी यह आंदोलन समाप्त हो गया।

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