पश्चिम रेलवे ने स्टेशनों पर पेयजल जांच अभियान चलाया, 99% नमूने फिट मिले
9 से 15 सितंबर के दौरान चलाए गए विशेष जांच अभियान में बैक्टीरियोलॉजिकल और क्लोरीन टेस्ट किए गए, अनफिट नमूनों पर सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं।
पश्चिम रेलवे के पूरे नेटवर्क में यात्रियों और रेल प्रतिष्ठानों में उपलब्ध पेयजल की गुणवत्ता को लेकर निगरानी तेज की गई है। पश्चिम रेलवे के मेडिकल विभाग ने 09 से 15 सितंबर 2026 तक सात दिनों के दौरान विभिन्न मंडलों और रेलवे प्रतिष्ठानों में पेयजल के व्यापक नमूने लेकर उनकी जांच की, ताकि पानी सुरक्षित और स्वच्छ बना रहे।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री विनीत अभिषेक की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पश्चिम रेलवे में नियमित बैक्टीरियोलॉजिकल जांच और अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण के माध्यम से पेयजल की व्यापक निगरानी की जा रही है। इस अवधि में 276 बैक्टीरियोलॉजिकल नमूनों की जांच की गई, जिनमें 99 प्रतिशत से अधिक नमूने फिट पाए गए। वहीं, पूरे पश्चिम रेलवे में 1,745 अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण किए गए, जिनमें 96 प्रतिशत से अधिक परीक्षण संतोषजनक पाए गए।
जो नमूने अनफिट पाए गए, उनकी जानकारी संबंधित विभागों को दी गई है और स्वच्छ पानी की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सुधारात्मक उपाय किए जा रहे हैं।
यह परीक्षण कार्यक्रम रेलवे स्टेशनों और अन्य रेलवे प्रतिष्ठानों पर नियमित रूप से संचालित किया जा रहा है। इसमें विशेष रूप से पेयजल केंद्रों और वाटर कूलरों पर ध्यान दिया जा रहा है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पेयजल सुरक्षित रहे तथा उचित क्लोरीनेशन और स्वच्छता संबंधी स्थितियां लगातार बनी रहें।
पश्चिम रेलवे संबंधित विभागों के समन्वय से पानी के भंडारण टैंकों, पाइपलाइनों, वाटर कूलरों और पानी वितरण केंद्रों की स्वच्छता एवं रखरखाव पर भी विशेष ध्यान दे रहा है।
नियमित नमूना संग्रह, परीक्षण, निरीक्षण और सतत निगरानी के जरिए पश्चिम रेलवे पेयजल की गुणवत्ता पर कड़ी नजर बनाए हुए है। व्यापक निगरानी कार्यक्रम पश्चिम रेलवे के पूरे नेटवर्क में यात्रियों की सुरक्षा, जनस्वास्थ्य और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के प्रति उसकी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।