उत्तर पश्चिम रेलवे में पेयजल स्वच्छता अभियान, 18,664 जल टैंकों की हुई सफाई
उत्तर पश्चिम रेलवे में 17 अगस्त से विशेष स्वच्छता अभियान के तहत अब तक 18,664 जल टैंकों की सफाई की गई। पेयजल की शुद्धता के लिए अवशिष्ट क्लोरीनीकरण, जैविक और रासायनिक परीक्षण भी किए जा रहे हैं।
तस्वीर में एक रेलवे अधिकारी रेलवे स्टेशन पर बने पीने के पानी के प्वाइंट पर पानी की गुणवत्ता की जांच करते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिसके पीछे एक भारतीय रेलवे का इंजन खड़ा है।
उत्तर पश्चिम रेलवे में यात्रियों को स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत 17 अगस्त 2026 से सभी जल टैंकों की सफाई का विशेष अभियान शुरू किया गया, जिसके अंतर्गत अब तक 18,664 जल टैंकों की सफाई की जा चुकी है।
पेयजल की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए जल की गुणवत्ता की नियमित जांच भी की जा रही है। अभियान के दौरान अब तक 5,014 अवशिष्ट क्लोरीनीकरण परीक्षण किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 670 जैविक परीक्षण और 327 रासायनिक परीक्षण भी किए गए हैं।
अभियान के दौरान उत्तर पश्चिम रेलवे यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि सभी ओवरहेड एवं भूमिगत जल टैंक उचित रूप से ढके हुए हों। इसका उद्देश्य बाहरी गंदगी एवं दूषित पदार्थों से पेयजल को सुरक्षित रखना है।
इसके साथ ही खुले तथा अन्य जल स्रोतों को भी उपयुक्त लोहे की जाली या नेटिंग से ढकने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि जल स्रोतों में किसी प्रकार का प्रदूषण न हो।
उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा अभियान के माध्यम से जल स्रोतों की स्वच्छता, जल गुणवत्ता की नियमित निगरानी और सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे यात्रियों को स्वच्छ एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।