CAG रिपोर्ट में पेयजल की गुणवत्ता से जुड़े अवलोकनों के बाद यात्रियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सेंट्रल रेलवे ने व्यापक स्तर पर तत्काल कदम उठाए हैं। रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं CEO तथा रेलवे बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा पेयजल गुणवत्ता को लेकर व्यापक समीक्षा किए जाने के बाद भारतीय रेलवे में सुरक्षित पेयजल सुनिश्चित करने के लिए तत्काल सुधारात्मक उपायों के निर्देश दिए गए।

रेलवे बोर्ड के निर्देशों के अनुपालन में सेंट्रल रेलवे ने अपने पूरे नेटवर्क में जल आपूर्ति, फिल्ट्रेशन, परीक्षण और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए युद्धस्तर पर कार्रवाई शुरू की है। इसके तहत रेलवे नेटवर्क में लगभग 20,000 स्थानों पर वाटर कूलर और जल गुणवत्ता निगरानी व्यवस्था सहित नई फिल्ट्रेशन प्रणालियां स्थापित की जाएंगी। सेंट्रल रेलवे स्टेशनों, कोचिंग डिपो और यात्रियों से जुड़े अन्य स्थानों पर इनके कार्यान्वयन में तेजी लाएगा।

पेयजल की स्वच्छता और गुणवत्ता सुधारने के लिए पुराने तथा जर्जर हो चुके जल भंडारण टैंकों की पहचान की जा रही है और उन्हें चरणबद्ध तरीके से बदला जाएगा। इसके साथ ही जलस्रोत और आउटलेट पॉइंट पर नियमित जल गुणवत्ता परीक्षण, केंद्रीकृत निगरानी और जवाबदेही की व्यवस्था लागू की जा रही है। जल भंडारण टैंकों की निर्धारित समय पर सफाई और रखरखाव भी सख्ती से सुनिश्चित किया जा रहा है।

CAG की उन टिप्पणियों के संबंध में भी सेंट्रल रेलवे ने व्यापक सुधारात्मक और निवारक उपाय किए हैं, जो वर्ष 2023-24 में CSMT, भिवंडी रोड, कल्याण और लोनावला से लिए गए पेयजल नमूनों से संबंधित थीं। विशेष अभियान के दौरान चारों स्टेशनों से लिए गए पानी के नमूनों की भौतिक, रासायनिक और बैक्टीरियोलॉजिकल जांच कराई गई। सभी नमूने संतोषजनक पाए गए और किसी भी नमूने में E. coli या बैक्टीरियोलॉजिकल संदूषण नहीं मिला।

चारों स्टेशनों पर पानी की पाइपिंग प्रणालियों की लीकेज के लिए पूरी तरह जांच की गई। वेंट और ओवरफ्लो व्यवस्था पर जालीयुक्त मजबूत कवर लगाए गए। वाटर कूलरों का निरीक्षण और सफाई की गई तथा उनमें जमा गाद को हटाया गया। लीकेज वाले नलों को बदला गया और जहां नल उपलब्ध नहीं थे, वहां नए नल लगाए गए।

संबंधित Inspector of Works (IoW) कार्यालयों में समय-समय पर जांच के लिए E. coli परीक्षण किट भी उपलब्ध कराई गई हैं। विशेष अभियान के तहत किए गए नवीनतम परीक्षणों के आधार पर CSMT, भिवंडी रोड, कल्याण और लोनावला में यात्रियों को वर्तमान में उपलब्ध कराया जा रहा पेयजल सुरक्षित और पीने योग्य पाया गया है।

इन सभी उपायों की निगरानी रेलवे बोर्ड स्तर पर सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ की जा रही है। पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रगति तथा जल गुणवत्ता संबंधी रिपोर्ट समय-समय पर प्रकाशित की जाएंगी। यह पहल CAG की टिप्पणियों के समाधान के लिए भारतीय रेलवे द्वारा चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य यात्री सुविधाओं और समग्र यात्रा अनुभव को और मजबूत करना है।

यह प्रेस विज्ञप्ति 20 सितंबर 2026 को सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी डॉ. स्वप्निल नीला, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस, मुंबई द्वारा जारी की गई। प्रेस विज्ञप्ति संख्या 2026/09/36 है।

Tags: