पश्चिम रेलवे की टिकट चेकिंग में बड़ा खुलासा, 5 महीने में वसूले ₹100.42 करोड़
पश्चिम रेलवे ने अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच टिकट चेकिंग में 13.47 लाख टिकट रहित व अनियमित यात्रियों को पकड़ा और ₹100.42 करोड़ जुर्माना वसूला। एसी लोकल में भी कार्रवाई और वसूली में 172% वृद्धि दर्ज हुई।
तस्वीर में पश्चिम रेलवे का एक टिकट चेकिंग कर्मचारी रेलवे स्टेशन पर यात्री की जांच करते हुए दिखाई दे रहा है।
पश्चिम रेलवे ने टिकट रहित और अनियमित यात्रा पर शिकंजा कसते हुए अप्रैल से अगस्त 2026 के दौरान टिकट चेकिंग अभियान से ₹100.42 करोड़ का जुर्माना वसूला है। इस अवधि में 13.47 लाख टिकट रहित और अनियमित यात्रियों के मामले पकड़े गए, जिनमें बिना बुक किए गए सामान के मामले भी शामिल हैं।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री विनीत अभिषेक द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, वरिष्ठ वाणिज्यिक अधिकारियों की सक्रिय निगरानी में टिकट चेकिंग कर्मचारियों की टीम ने मुंबई उपनगरीय लोकल ट्रेनों, लंबी दूरी की मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों, यात्री ट्रेनों और हॉलिडे स्पेशल ट्रेनों में व्यापक जांच अभियान चलाया। इन अभियानों का उद्देश्य राजस्व रिसाव को कम करना और यात्रियों में अधिकृत एवं अनुशासित यात्रा सुनिश्चित करना रहा।
अप्रैल से अगस्त 2026 के दौरान पश्चिम रेलवे ने 13.47 लाख टिकट रहित और अनियमित यात्रियों के मामले पकड़े। इनमें बिना बुक किए गए सामान से जुड़े मामले भी शामिल हैं। इन मामलों से कुल ₹100.42 करोड़ के जुर्माने की वसूली हुई। अकेले अगस्त 2026 में 2.13 लाख से अधिक टिकट रहित और अनियमित यात्रियों का पता चला, जिनसे ₹17.16 करोड़ का जुर्माना वसूला गया।
मुंबई उपनगरीय खंड में भी टिकट चेकिंग अभियान के दौरान बड़ी संख्या में अनियमित यात्राएं पकड़ी गईं। अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच यहां टिकट रहित और अनियमित यात्रा के कुल 4.65 लाख मामले सामने आए, जिनसे ₹25.65 करोड़ की राशि वसूल की गई। इससे उपनगरीय रेल नेटवर्क में अधिकृत और अनुशासित यात्रा सुनिश्चित करने पर पश्चिम रेलवे के निरंतर फोकस का पता चलता है।
पश्चिम रेलवे ने एसी उपनगरीय लोकल ट्रेनों में भी बिना अधिकृत टिकट यात्रा रोकने के लिए विशेष टिकट चेकिंग अभियान जारी रखा। अप्रैल से अगस्त 2026 के दौरान एसी उपनगरीय सेवाओं में करीब 78,600 दंडनीय मामले पकड़े गए और ₹3.26 करोड़ का जुर्माना वसूला गया। यह पिछले वर्ष की समान अवधि में वसूले गए ₹1.20 करोड़ की तुलना में लगभग 172 प्रतिशत की वृद्धि है। पिछले वर्ष करीब 36,480 मामलों में ₹1.20 करोड़ की राशि वसूल की गई थी।
पश्चिम रेलवे ने टिकट चेकिंग कर्मचारियों के समर्पित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि अनधिकृत यात्रा रोकने, रेलवे राजस्व की सुरक्षा करने और यात्रा अनुशासन को बढ़ावा देने के लिए उनके निरंतर प्रयास महत्वपूर्ण रहे हैं। इन लगातार चलाए गए अभियानों से पश्चिम रेलवे नेटवर्क में पारदर्शी टिकटिंग व्यवस्था सुनिश्चित करने और यात्रियों के समग्र अनुभव को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान मिला है।