रेलवे सुरक्षा समीक्षा: अश्विनी वैष्णव ने दिए कड़े निर्देश
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेल भवन में सुरक्षा समीक्षा बैठक में सिग्नलिंग, OHE, ट्रैक, कोच और वैगन रखरखाव सुधार के निर्देश दिए। खराब गुणवत्ता वाली आपूर्ति और जानबूझकर लापरवाही पर सख्त कार्रवाई होगी।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 3 सितंबर 2026 को रेल भवन में रेलवे सुरक्षा को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, रेलवे बोर्ड के सदस्य, जोनल रेलवे के महाप्रबंधक, महानिदेशक (DGs) और मंडल रेल प्रबंधक (DRMs) शामिल हुए। बैठक में रेलवे की सुरक्षा, तकनीकी व्यवस्था और रखरखाव से जुड़ी कमियों को दूर करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान रेल मंत्री ने सिग्नलिंग से जुड़ी तकनीकी कमियों को मिशन मोड में दूर करने के निर्देश दिए। ओवरहेड उपकरण (OHE) को लेकर उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर इसके घटक निर्धारित सेवा अवधि पूरी कर चुके हैं, वहां उनके रखरखाव और आवश्यकतानुसार प्रतिस्थापन की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
वर्कशॉप में रखरखाव का स्तर बेहतर करने पर भी विशेष जोर दिया गया। कोचों के रखरखाव में खासतौर पर अग्नि सुरक्षा से जुड़े इलेक्ट्रिकल सर्किट और वायरिंग पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही वैगन और कोच के कपलर तथा पहियों के रखरखाव को भी प्राथमिकता देने को कहा गया।
ट्रैक रखरखाव के संबंध में पॉइंट मशीनों, टर्नआउट और फास्टनरों के उचित रखरखाव पर जोर दिया गया। जहां कहीं फास्टनर गायब हैं, वहां उनके तत्काल इंस्टॉलेशन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में खराब गुणवत्ता वाली आपूर्ति के मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। सिग्नलिंग एवं टेलीकम्युनिकेशन (S&T), OHE, ट्रैक, कोच या वैगन से संबंधित सामग्री की गुणवत्ता में किसी भी तरह की कमी पाए जाने पर संबंधित आपूर्तिकर्ता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। जानबूझकर की गई लापरवाही के मामलों में संबंधित आपूर्तिकर्ता को स्थायी रूप से ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश भी दिए गए।
रेल मंत्री ने सभी अधिकारियों से जिला और राज्य प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने को कहा। त्योहारों या मेलों के दौरान जिन स्थानों पर अचानक यात्रियों की भीड़ बढ़ने की संभावना हो, वहां पहले से तैयारियां करने के निर्देश दिए गए, ताकि आवश्यक सुविधाएं समय रहते उपलब्ध कराई जा सकें।
बैठक में दिए गए निर्देशों का केंद्र रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, तकनीकी और रखरखाव संबंधी कमियों को समय पर दूर करने तथा खराब गुणवत्ता और जानबूझकर की गई लापरवाही के मामलों में जवाबदेही तय करने पर रहा।