प्रयागराज। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे में सुरक्षा, तकनीकी व्यवस्था और रखरखाव से जुड़ी कमियों को दूर करने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। रेल भवन में हुई विस्तृत सुरक्षा समीक्षा बैठक में सिग्नलिंग, ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE), कोच और वैगन के रखरखाव सहित यात्रियों की भीड़ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की गई।

बैठक में रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, रेलवे बोर्ड के सदस्य, जोनल रेलवे के महाप्रबंधक, महानिदेशक (DGs) एवं मंडल रेल प्रबंधक (DRMs) उपस्थित रहे। रेल मंत्री ने सिग्नलिंग से संबंधित तकनीकी कमियों को मिशन मोड में दूर करने के निर्देश दिए।

ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) के संबंध में रेल मंत्री ने उन स्थानों पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा, जहां कंपोनेंट्स अपनी निर्धारित सेवा अवधि पूरी कर चुके हैं। ऐसे कंपोनेंट्स के रखरखाव और प्रतिस्थापन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।

कोचों के रखरखाव को लेकर भी रेल मंत्री ने वर्कशॉप में मेंटेनेंस के स्तर में सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से फायर सेफ्टी से संबंधित इलेक्ट्रिकल सर्किट एवं वायरिंग पर ध्यान देने को कहा। इसके साथ ही वैगन और कोच के कपलर तथा पहियों के रखरखाव पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।

बैठक में खराब गुणवत्ता वाली आपूर्ति के मामलों में कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। रेलवे सुरक्षा से जुड़े तकनीकी और रखरखाव संबंधी पहलुओं में लापरवाही की गुंजाइश नहीं रखने पर जोर दिया गया।

रेल मंत्री ने सभी अधिकारियों को जिला एवं राज्य प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उन स्थानों पर अग्रिम तैयारियां की जाएं, जहां त्योहारों या मेलों के कारण अचानक यात्रियों की भीड़ बढ़ने की संभावना है, ताकि वहां आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जा सकें।

बैठक में दिए गए निर्देशों के तहत रेलवे सुरक्षा से जुड़ी तकनीकी कमियों, रखरखाव व्यवस्था और संभावित यात्री भीड़ से निपटने की तैयारियों को समयबद्ध तरीके से मजबूत करने पर जोर दिया गया।

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