वडोदरा मंडल में CCTV का बड़ा एक्शन, चोरी के 55 मामलों का खुलासा, 3.83 करोड़ की संपत्ति बरामद
वडोदरा मंडल में सीसीटीवी की मदद से 55 चोरी के मामलों का खुलासा हुआ है और 68 आरोपियों को गिरफ्तार कर करोड़ों की संपत्ति बरामद की गई है।
पश्चिम रेलवे के वडोदरा मंडल में सुरक्षा विभाग द्वारा सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से ट्रेनों और रेलवे परिसरों की लगातार निगरानी की जा रही है।
पश्चिम रेलवे के वडोदरा मंडल में CCTV कैमरों की निगरानी से चोरी की घटनाओं का खुलासा करने और आरोपियों को पकड़ने में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। वर्ष 2026 में अब तक ट्रेनों में यात्रियों के सामान की चोरी के 55 मामलों का पता लगाया गया है। इन मामलों में 68 आरोपियों को पकड़कर राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) के सुपुर्द किया गया। आरोपियों से कुल 3,83,73,196 रुपये मूल्य की चोरी की संपत्ति बरामद की गई। इसके अलावा वंदे भारत ट्रेनों पर पत्थरबाजी करने वाले आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
पश्चिम रेलवे के वडोदरा मंडल का सुरक्षा विभाग यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे संपत्ति की रक्षा के लिए ट्रेनों तथा रेलवे परिसरों में लगे CCTV कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी कर रहा है। कैमरों की फुटेज के व्यवस्थित विश्लेषण से चोरी के मामलों का पता लगाने, आरोपियों की पहचान करने और पत्थरबाजी की घटनाओं में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने में मदद मिली है।
3 अक्टूबर 2026 को नडियाद रेलवे स्टेशन के फुट ओवर ब्रिज पर यात्री श्री भरतभाई से लगभग 2.710 किलोग्राम सोने और अन्य कीमती सामान से भरा बैग लूट लिया गया। लूटी गई संपत्ति का कुल मूल्य 3,70,30,851 रुपये था। इस वारदात में रेलवे का एक पूर्व कर्मचारी और उसके तीन अन्य साथी शामिल थे। घटना के बाद चारों आरोपी अलग-अलग वाहनों से फरार हो गए। इस संबंध में राजकीय रेलवे पुलिस, नडियाद में मामला दर्ज किया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए रेल सुरक्षा बल (RPF), नडियाद ने स्टेशन परिसर और आसपास के क्षेत्रों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज का विस्तृत विश्लेषण किया। जांच के दौरान घटनास्थल से आरोपियों के भागने के मार्ग का पीछे तक पता लगाया गया। तकनीकी जांच के आधार पर चारों आरोपियों और वारदात में इस्तेमाल किए गए वाहनों की पहचान की गई। CCTV फुटेज से मिले महत्वपूर्ण साक्ष्य राजकीय रेलवे पुलिस के साथ साझा किए गए। इन साक्ष्यों के आधार पर गुजरात पुलिस ने विरमगाम शहर में चारों आरोपियों को लूटी गई पूरी संपत्ति के साथ पकड़ लिया। इसके बाद राजकीय रेलवे पुलिस, नडियाद ने 4 अक्टूबर 2026 को चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
चोरी का एक अन्य मामला ट्रेन संख्या 22945 सौराष्ट्र मेल से जुड़ा है। 12 अगस्त 2026 को सूरत और नडियाद के बीच यात्रा कर रहे यात्री श्री अनिलभाई का नीले रंग का बैग ट्रेन के कोच A/2 से चोरी हो गया था। बैग में सोने की चेन, नकदी और अन्य कीमती सामान था, जिसकी कुल कीमत 11,71,000 रुपये थी। इस मामले में राजकीय रेलवे पुलिस, नडियाद में मामला दर्ज किया गया।
मामले की जांच के दौरान रेल सुरक्षा बल, नडियाद ने विभिन्न स्टेशनों पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज का विस्तृत विश्लेषण किया और घटना से संबंधित संदिग्ध की पहचान की। इसके बाद CCTV से प्राप्त जानकारी और संदिग्ध का विवरण राजकीय रेलवे पुलिस, नडियाद के साथ साझा किया गया। इन तकनीकी जानकारियों के आधार पर आरोपी श्याम को 19 अगस्त 2026 को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ के दौरान आरोपी श्याम ने AC कोचों में चोरी की 23 घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। इनमें नडियाद की 3, गोधरा की 1, वडोदरा की 6, पालनपुर की 2, अहमदाबाद की 6 और मेहसाणा की 5 घटनाएं शामिल थीं। इन मामलों में CCTV फुटेज के विश्लेषण से आरोपी की पहचान करने और जांच को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण सहायता मिली।
वडोदरा मंडल में CCTV निगरानी का उपयोग केवल चोरी की घटनाओं का खुलासा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वंदे भारत ट्रेनों पर पत्थरबाजी करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। वर्ष 2026 में अब तक वंदे भारत ट्रेनों पर पत्थरबाजी की कुल 4 घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं में ट्रेनों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। इसके बाद संबंधित आरोपियों को गिरफ्तार कर रेलवे अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई।
पश्चिम रेलवे के वडोदरा मंडल में CCTV कैमरों से निगरानी, फुटेज का तकनीकी विश्लेषण और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय यात्रियों तथा रेलवे संपत्ति की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वर्ष 2026 में अब तक चोरी के 55 मामलों का खुलासा, 68 आरोपियों की गिरफ्तारी और 3,83,73,196 रुपये की संपत्ति की बरामदगी के साथ वंदे भारत ट्रेनों पर पत्थरबाजी के मामलों में कार्रवाई इस निगरानी व्यवस्था के परिणामों को दर्शाती है। रेलवे परिसरों में अपराधों का पता लगाने और आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के प्रयास लगातार जारी हैं।