आरसीएफ कपूरथला के कार्यक्रम में मंच पर माइक के सामने बोलते एक अतिथि।

कपूरथला, 26 सितंबर 2026: रेल डिब्बा कारखाना (आरसीएफ), कपूरथला ने वारिस शाह हॉल, आरसीएफ में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ अपना 40वां उत्पादन दिवस मनाया। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर 19 सितंबर 1987 को आरसीएफ में प्रथम जीएस कोच के उत्पादन की शुरुआत को याद किया गया, जिसने भारतीय रेल की प्रमुख कोच निर्माण इकाइयों में से एक के रूप में आरसीएफ की गौरवशाली यात्रा की शुरुआत की थी।

समारोह में रेलवे बोर्ड के अपर सदस्य (उत्पादन इकाइयां) श्री सुनील कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। आरसीएफ के महाप्रबंधक श्री अजय नंदन और आरसीएफ महिला कल्याण संगठन की अध्यक्ष श्रीमती नविता नंदन विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। राइट्स के निदेशक तकनीकी डॉ. दीपक त्रिपाठी विशेष आमंत्रित अतिथि के रूप में शामिल हुए।


अपने संबोधन में श्री सुनील कुमार ने आधुनिक रेल डिब्बों के विकास और निर्माण में आरसीएफ के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की। उन्होंने नई तकनीकों को अपनाने और भारतीय रेल की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप उन्नत कोचों के निर्माण के लिए आरसीएफ के प्रयासों की प्रशंसा की।

आरसीएफ के महाप्रबंधक श्री अजय नंदन ने इस अवसर पर अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिवारों को बधाई दी। उन्होंने आरसीएफ कर्मचारियों की निरंतर मेहनत, समर्पण और प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए कहा कि उनके सामूहिक प्रयास और टीम भावना ने आरसीएफ को भारतीय रेल की प्रमुख कोच निर्माण इकाइयों में से एक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

कार्यक्रम में आरसीएफ की गौरवशाली यात्रा को भी रेखांकित किया गया। प्रथम जीएस कोच के निर्माण से लेकर आधुनिक और अत्याधुनिक तकनीक से युक्त कोचों के निर्माण तक आरसीएफ ने निरंतर प्रगति की है।

इस अवसर पर आरसीएफ कल्चरल सोसायटी की ओर से रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। इसमें रीटो चौधरी ने मनमोहक कथक नृत्य की प्रस्तुति दी। आरसीएफ कल्चरल सोसायटी के कलाकारों ने गीत प्रस्तुत किए और नाटक ‘जिगरी’ का मंचन किया। वहीं, इप्टा पंजाब के कलाकारों ने नाटक ‘फीको’ प्रस्तुत किया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से कलाकारों ने अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और कलात्मक क्षमता का प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित दर्शकों ने खूब सराहा। समारोह का समापन हर्ष और उल्लास के वातावरण में हुआ। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह ने आरसीएफ की गौरवशाली यात्रा को याद करते हुए भारतीय रेल के आधुनिकीकरण और उत्कृष्टता की दिशा में आरसीएफ के निरंतर योगदान के प्रति विश्वास व्यक्त किया।

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