मुंबई सेंट्रल मंडल में स्वच्छता अभियान तेज, 10 टन से अधिक कचरा एकत्र कर सफाई अभियान
मुंबई सेंट्रल मंडल में 21 से 24 सितंबर तक स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान के तहत 10 टन से अधिक अलग-अलग कचरा एकत्र हुआ। सूरत में CTU सफाई, कोच क्लीनिंग, जनजागरूकता और सफाई मित्रों के स्वास्थ्य शिविर आयोजित हुए।
तस्वीर में पश्चिम रेलवे के मुंबई सेंट्रल मंडल में स्वच्छता अभियान के तहत स्कूली छात्र, रेलवे अधिकारी और कर्मचारी एक स्थानीय ट्रेन के सामने ‘भारतीय रेलवे’ का जागरूकता बैनर पकड़े हुए नजर आ रहे हैं।
मुंबई, 26 सितंबर 2026। पश्चिम रेलवे के मुंबई सेंट्रल मंडल में चल रहे राष्ट्रव्यापी ‘स्वच्छता ही सेवा 2026’ अभियान के तहत स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और नागरिक जागरूकता से जुड़ी गतिविधियों को तेज किया गया है। 21 से 24 सितंबर 2026 तक लगातार चार दिनों में मंडल के स्टेशनों, कोचिंग डिपो, कारशेड, अस्पतालों और आवासीय कॉलोनियों में रेलवे कर्मचारियों, नागरिक निकायों, स्वयंसेवी संगठनों और यात्रियों की भागीदारी से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री विनीत अभिषेक की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, चार दिवसीय विशेष सफाई अभियान के दौरान मुंबई सेंट्रल मंडल में 10 टन से अधिक अलग-अलग श्रेणियों का कचरा एकत्र किया गया। इसमें 6,300 किलोग्राम गीला कचरा, 3,700 किलोग्राम सूखा कचरा, 83 किलोग्राम विशेष देखभाल वाले कचरे और 47 किलोग्राम सैनिटरी कचरे को अलग-अलग एकत्र किया गया।
स्वच्छता लक्ष्य इकाई (CTU) के सुधार अभियान के तहत सूरत स्थित कोच केयर सेंटर में करीब 200 किलोग्राम कचरा हटाकर सूरत नगर निगम के अधिकारियों को सौंपा गया। साफ किए गए इस स्थान पर उद्यान विकसित करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा मुंबई सेंट्रल और विरार के कारशेड में भी व्यापक सफाई अभियान चलाया गया। इस दौरान कोचों के अंदरूनी हिस्सों, शौचालयों, फर्श, फिटिंग और बाहरी सतहों की विशेष सफाई की गई।
जन भागीदारी के तहत जनजागरूकता और सामुदायिक गतिविधियों पर भी जोर दिया गया। 24 सितंबर को घर-घर जाकर चलाए गए विशेष अभियान में 158 परिवारों को शामिल किया गया। घरेलू स्तर पर खाद बनाने और कचरा प्रबंधन को लेकर आयोजित जागरूकता गतिविधियों में 140 लोगों ने भाग लिया। रेलवे के कबाड़ से कचरे से कला की रचनाएं तैयार कर ‘कम करें, पुन: उपयोग करें और पुनर्चक्रण करें’ (3R) के सिद्धांत को बढ़ावा दिया गया। इसके साथ ही चित्रकला प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया।
करीब 150 रेलवे अधिकारियों और अन्य प्रतिभागियों को स्वच्छता शपथ दिलाई गई। इसके माध्यम से कचरे के पृथक्करण और एकल उपयोग वाले प्लास्टिक के उन्मूलन के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
अभियान के दौरान स्वच्छता कर्मचारियों के कल्याण को भी प्रमुखता दी गई। ‘सफाई मित्र सुरक्षा शिविर’ पहल के तहत विरार और दादर में हाउसकीपिंग कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किए गए।
सूरत, उमरगाम, भयंदर, घोलवड़ और कई अन्य स्टेशनों पर श्रमदान तथा जनजागरूकता गतिविधियों में आम लोगों की भी सक्रिय भागीदारी रही। इन समन्वित प्रयासों के माध्यम से मुंबई सेंट्रल मंडल ने स्वच्छ रेलवे परिसरों, चक्रीय कचरा प्रबंधन और जनभागीदारी के प्रति पश्चिम रेलवे की निरंतर प्रतिबद्धता को दोहराया। अभियान का संचालन “स्वच्छता में सहभाग • स्वच्छ भारत • विकसित भारत” की भावना के अनुरूप किया गया।