तस्वीर में मालीगांव स्थित एनएफआरएसए कॉम्प्लेक्स में 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वजारोहण और परेड की सलामी लेते हुए महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव और अन्य अधिकारी नजर आ रहे हैं।

मालीगांव। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने 15 अगस्त को अपने क्षेत्राधिकार में देशभक्ति के जोश के साथ राष्ट्र का 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया। मालीगांव स्थित एनएफआरएसए कॉम्प्लेक्स में आयोजित मुख्य समारोह में एनएफआर के महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव ने वरिष्ठ रेल अधिकारियों, कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में राष्ट्रीय ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली।

अपने संबोधन में महाप्रबंधक चेतन कुमार श्रीवास्तव ने देश के स्वतंत्रता सेनानियों और बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने चौबीसों घंटे कार्य करने वाले रेल कर्मचारियों के समर्पण की सराहना की। इस अवसर पर बेहतर सेवा और योगदान के लिए 25 रेल कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार के साथ ‘कर्मवीर पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। इसके बाद रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।

समारोह के बाद महाप्रबंधक ने मालीगांव स्थित केंद्रीय अस्पताल के विस्तारित और नए सिरे से निर्मित कैजुअल्टी भवन का उद्घाटन भी किया।

2026 की प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए महाप्रबंधक ने जोर दिया कि ‘100% संरक्षा, ज़ीरो रिस्क’ के सिद्धांत के तहत संरक्षा सबसे जरूरी प्राथमिकता है। एनएफआर ने आधुनिक सिग्नलिंग और अत्याधुनिक तकनीक के जरिए संरक्षा को सुदृढ़ किया है।

एनएफआर ने व्यवसाय और माल परिवहन के काम-काज में भी अच्छी-खासी बढ़ोतरी दर्ज की। अप्रैल-जुलाई के दौरान विभाजित आय 2,744 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 8% अधिक है। जुलाई में भारत से पहली कंटेनर ट्रेन नेपाल पहुंची, जो अंतरराष्ट्रीय सीमा-पार माल परिवहन में एक अहम पड़ाव था।

जोगीघोपा रेलवे स्टेशन यार्ड और जोगीघोपा मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क के बीच ट्रैक जोड़ने का काम भी पूरा हो गया। इससे लॉजिस्टिक्स हब के साथ रेल कनेक्टिविटी को जोड़ने का रास्ता साफ हो गया।

अवसंरचनात्मक विकास, बिजलीकरण और सस्टेनेबिलिटी पर भी खास जोर दिया गया। एनएफआर ने जनवरी-जुलाई 2026 के दौरान 23.7 एमडब्ल्यूपी की सौर ऊर्जा क्षमता चालू की, जो भारतीय रेल के सभी जोन की तुलना में सर्वाधिक है।

इस दौरान महाप्रबंधक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चार नवनिर्मित अमृत स्टेशनों—कामाख्यागुड़ी, माजबाट, जलपाईगुड़ी रोड और हल्दीबाड़ी—के उद्घाटन किए जाने को भी रेखांकित किया। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं और आधुनिक स्टेशन इंफ्रास्ट्रक्चर मिला है।

आरपीएफ, भारत स्काउट्स एंड गाइड्स, खिलाड़ियों, रेल कर्मचारियों और अन्य स्टेकहोल्डरों के योगदान की तारीफ करते हुए महाप्रबंधक ने सुरक्षित, आधुनिक, कुशल और सस्टेनेबल रेल परिवहन तथा ‘विकसित भारत @ 2047’ के राष्ट्रीय विजन के प्रति पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे की प्रतिबद्धता को पुनः दोहराया।

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