पश्चिम रेलवे के स्वतंत्रता दिवस संदेश में उपलब्धियों का लेखा-जोखा, सुरक्षा पर जोर
पश्चिम रेलवे के 80वें स्वतंत्रता दिवस संदेश में 10,000 करोड़ से अधिक पूंजीगत व्यय, 96% समयपालन, कवच 4.0, यात्री सुविधाओं, राजस्व, कर्मचारी कल्याण और खिलाड़ियों की उपलब्धियों का विस्तृत लेखा-जोखा सामने आया।
तस्वीर में पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक कार्यालय में अपनी डेस्क पर बैठे नजर आ रहे हैं, जिनके पीछे भारतीय झंडे लगे हैं।
पश्चिम रेलवे के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर रेलवे महाप्रबंधक ने रेलवे कर्मचारियों, उनके परिवारों, यात्रियों, प्रेस एवं मीडिया प्रतिनिधियों और देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए पश्चिम रेलवे की उपलब्धियों, सुरक्षा, यात्री सुविधाओं, बुनियादी ढांचे, कर्मचारी कल्याण और राजस्व से जुड़ी प्रगति का विस्तृत लेखा-जोखा प्रस्तुत किया।
संदेश में कहा गया कि पश्चिम रेलवे महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान से होकर गुजरती है, जो भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की महत्वपूर्ण भूमि रही है। इसी धरती ने तात्या टोपे, लोकमान्य तिलक, मैडम कामा, गोपाल कृष्ण गोखले, महात्मा गांधी, सरदार पटेल, वीर सावरकर, डॉ. बी. आर. आंबेडकर, चंद्रशेखर आजाद सहित उन महान विभूतियों को जन्म दिया, जिन्होंने देश की स्वतंत्रता की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इन महान विभूतियों और उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई, जिनके अपार बलिदान से देश को आजादी मिली।
पश्चिम रेलवे की प्राथमिकताओं में यात्री सुरक्षा, परिचालन उत्कृष्टता, समयपालन, बुनियादी ढांचे का विकास और परिसंपत्तियों का रखरखाव शामिल है। इसके साथ ही कर्मचारियों और उनके परिवारों के कल्याण एवं बेहतर जीवन के लिए भी प्रतिबद्धता जताई गई। संदेश में कहा गया कि इन सभी प्रमुख क्षेत्रों में पश्चिम रेलवे लगातार व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ रही है और सामूहिक प्रयासों से नए मुकाम हासिल करने तथा उत्कृष्टता के और ऊंचे मानक स्थापित करने का भरोसा है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में जुलाई 2026 तक पश्चिम रेलवे ने 10,000 करोड़ रुपये से अधिक का शुद्ध पूंजीगत व्यय किया है, जो आवंटित बजट का 50 प्रतिशत से अधिक है। कई महत्वपूर्ण और बड़ी परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं, जिनके पूरा होने के बाद पश्चिम रेलवे की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
प्रधानमंत्री के भारतीय रेल को विश्वस्तरीय रेलवे में बदलने के विजन को साकार करने की दिशा में भी पश्चिम रेलवे लगातार प्रयास कर रही है। ‘अमृत भारत स्टेशन योजना’ के तहत पश्चिम रेलवे के 123 स्टेशनों को पुनर्विकास के लिए चिन्हित किया गया है। हाल ही में प्रधानमंत्री ने भारतीय रेलवे के 75 पुनर्विकसित स्टेशनों को ‘अमृत स्टेशन’ के रूप में राष्ट्र को समर्पित किया, जिनमें पश्चिम रेलवे के प्रतापनगर, गोधरा, पोरबंदर और भक्तिनगर स्टेशन शामिल हैं। इसके साथ पश्चिम रेलवे के 22 स्टेशन अमृत स्टेशन के रूप में परिवर्तित हो चुके हैं। शेष अमृत स्टेशनों के पुनर्विकास का कार्य भी तेजी से चल रहा है।
बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में गांधीधाम-आदिपुर क्वाड्रुपलिंग परियोजना पूरी कर चालू कर दी गई है। नीमच-रतलाम डबलिंग परियोजना भी पूरी हो चुकी है। चालू वित्तीय वर्ष में पश्चिम रेलवे ने 332 किलोमीटर रेलवे लाइन बिछाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है और निर्धारित लक्ष्य हासिल करने का भरोसा जताया गया है।
विद्युतीकरण और ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में भी पश्चिम रेलवे ने महत्वपूर्ण प्रगति की है। ब्रॉड गेज नेटवर्क के 100 प्रतिशत विद्युतीकरण का लाभ उठाते हुए ट्रेनों में ‘हेड ऑन जनरेशन’ (HOG) तकनीक के इस्तेमाल से इस वित्तीय वर्ष में 200 करोड़ रुपये से अधिक की बचत हुई है। राजकोट, भावनगर और अहमदाबाद मंडलों के नव विद्युतीकृत हाई-राइज ओएचई सेक्शनों पर मालगाड़ियों को डीजल से इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन में बदलने से 220 करोड़ रुपये से अधिक की बचत हुई है। इसके अलावा सौर ऊर्जा के उपयोग से भी 7 करोड़ रुपये से अधिक की बचत की गई है।
यात्रियों की बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए चालू वित्तीय वर्ष में यात्री सुविधाओं से जुड़े विभिन्न कार्यों पर 600 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं। वंदे भारत एक्सप्रेस की बढ़ती मांग और लोकप्रियता को देखते हुए असरवा और उदयपुर सिटी के बीच नई वंदे भारत ट्रेन शुरू की गई है। उधना-ब्रह्मपुर अमृत भारत एक्सप्रेस की सेवा भी सप्ताह में तीन दिन से बढ़ाकर दैनिक कर दी गई है। चालू वित्तीय वर्ष में 22 जोड़ी नई ट्रेनें शुरू की गई हैं, जबकि यात्रियों की सुविधा के लिए 7 जोड़ी ट्रेनों के गंतव्य का विस्तार किया गया है।
सुरक्षा निरीक्षण, सुरक्षा ऑडिट और व्यापक सुरक्षा अभियान पश्चिम रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा रहे हैं। अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच 148 पुलों का पुनर्वास सफलतापूर्वक पूरा किया गया, जो अब तक का रिकॉर्ड है। ट्रेनों की आवाजाही बेहतर करने के लिए सेक्शनल स्पीड बढ़ाई गई, गति प्रतिबंधों में छूट दी गई और टर्नआउट पर गति बढ़ाई गई। एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के तहत एक सदी से अधिक पुराने दो पुलों की री-गर्डरिंग की गई। इनमें एक कांदिवली के पास और दूसरा माही नदी पर स्थित है।
गति और सुरक्षा को नई दिशा देने के लिए विरार-अहमदाबाद और वडोदरा-नागदा मार्गों को 160 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से ट्रेनों के संचालन के लिए अपग्रेड किया जा रहा है। सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए अब तक 603 लोकोमोटिव में ‘कवच’ प्रणाली सफलतापूर्वक स्थापित की जा चुकी है। इसी क्रम में पश्चिम रेलवे ने नागदा-विरार और वडोदरा-अहमदाबाद सेक्शनों के 738 रूट किलोमीटर पर नवीनतम ‘कवच 4.0’ प्रणाली सफलतापूर्वक कमीशन की है, जो भारतीय रेलवे में सबसे अधिक है। एक अन्य ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में राजकोट मंडल के विरमगाम-राजकोट-ओखा सेक्शन और रतलाम मंडल के नागदा-उज्जैन-भोपाल सेक्शन पर मानक कवच प्रणाली भी सफलतापूर्वक कमीशन की गई है।
सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप पश्चिम रेलवे ने समयपालन के मामले में रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित लक्ष्य को पार कर लिया है। मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों का समयपालन लगभग 96 प्रतिशत रहा है।
जुलाई 2026 के अंत तक पश्चिम रेलवे का कुल ओरिजिनेटिंग राजस्व लगभग 8,000 करोड़ रुपये रहा। चालू वित्तीय वर्ष में जुलाई 2026 तक लगभग 35 मिलियन टन माल लोड किया गया। इसके परिणामस्वरूप जुलाई 2026 तक 4,500 करोड़ रुपये से अधिक का मालभाड़ा राजस्व प्राप्त हुआ। गैर-किराया राजस्व से भी जुलाई 2026 तक 50 करोड़ रुपये से अधिक का संचयी राजस्व प्राप्त हुआ, जो भारतीय रेलवे में सर्वाधिक है।
‘मिशन जीरो स्क्रैप’ के तहत पश्चिम रेलवे अपने रेलवे प्रतिष्ठानों और इकाइयों को स्क्रैप मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। पिछले वित्तीय वर्ष में 650 करोड़ रुपये से अधिक की बिक्री के साथ पश्चिम रेलवे ने अब तक का सर्वाधिक रिकॉर्ड बनाया, जो भारतीय रेलवे में सबसे अधिक था। चालू वित्तीय वर्ष की शुरुआत भी बेहतर रही है और इस वित्तीय वर्ष के निर्धारित लक्ष्य को पार करने का भरोसा जताया गया है।
आधुनिकीकरण के साथ पश्चिम रेलवे अपनी विरासत को भी संरक्षित कर रही है। हाल ही में 185 किलोमीटर लंबी वेरावल-तालाला और जूनागढ़-देलवाड़ा मीटर गेज लाइनों को हेरिटेज सेक्शन घोषित किया गया है, जो पश्चिम रेलवे की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक हैं।
पश्चिम रेलवे के चिकित्सा विभाग ने कर्मचारियों और उनके लाभार्थियों के स्वास्थ्य एवं समग्र कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। स्वास्थ्य सेवाओं में उत्कृष्टता की प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए जगजीवन राम अस्पताल में कार्डियोलॉजी, यूरोलॉजी और न्यूरोसर्जरी विभागों में पहली बार कई सुपर-स्पेशियलिटी चिकित्सा प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक की गई हैं।
संदेश में कहा गया कि संतुष्ट और स्वस्थ कार्यबल संगठन की सबसे मूल्यवान संपत्ति है। चालू वित्तीय वर्ष में जुलाई 2026 तक 5,800 से अधिक कर्मचारियों को पदोन्नत किया गया, जिनमें 4,000 से अधिक कर्मचारी सुरक्षा श्रेणी से थे। इसी वित्तीय वर्ष में अब तक स्टाफ बेनिफिट फंड से विभिन्न कल्याणकारी गतिविधियों के लिए 4 करोड़ 72 लाख रुपये वितरित किए गए, जिससे लगभग 1,500 लाभार्थियों को सीधे फायदा हुआ।
कार्यस्थल पर समावेशिता और महिला सशक्तीकरण की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए महिला स्टडी कैंप आयोजित किए गए तथा iGOT कर्मयोगी पोर्टल पर ‘जेंडर सेंसिटिविटी एंड विमेन एम्पावरमेंट इन इंडियन रेलवे’ विषय पर विशेष पाठ्यक्रम शुरू किया गया। मुंबई सेंट्रल मंडल ने कार्यस्थल पर सहायता को मजबूत करने के लिए एम्पावरमेंट एडवोकेट्स एंड सपोर्ट एन्हांसमेंट ‘EASE’ टीम भी शुरू की है। कर्मचारियों से निरंतर संवाद और उनकी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए सभी मंडलों की रनिंग लॉबी में 24x7 विशेष अभियान सहित कई नवाचार किए गए हैं।
रेलवे सुरक्षा बल न केवल रेलवे और यात्रियों की संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करता है, बल्कि जरूरतमंद यात्रियों को मानवीय सहायता भी उपलब्ध कराता है। आरपीएफ जवानों की सतर्कता और साहसिक कार्यों से कई अनमोल जिंदगियां बचाई गई हैं। इस वर्ष अप्रैल से जुलाई के बीच ‘ऑपरेशन अमानत’ के तहत 4 करोड़ 40 लाख रुपये से अधिक मूल्य का खोया सामान सुरक्षित रूप से यात्रियों को लौटाया गया। वहीं ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ के तहत लगभग 300 लापता बच्चों को बचाकर उनके परिवारों से मिलाया गया। इसके अतिरिक्त अनियमितताओं पर अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए पश्चिम रेलवे की विजिलेंस टीम ने निवारक जांच के माध्यम से 1 करोड़ 46 लाख रुपये की महत्वपूर्ण राशि बरामद की।
पश्चिम रेलवे के खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ाया है। न्यूजीलैंड में आयोजित प्रतिष्ठित हॉकी महिला नेशंस कप 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम ने जीत हासिल की। पश्चिम रेलवे की खिलाड़ी सुश्री नवनीत कौर, जो टीम की उप-कप्तान भी हैं, और सुश्री सुनेलिता टोप्पो इस विजेता टीम का हिस्सा रहीं।
कुश्ती में सुश्री अंतिम पंघाल और सुश्री नेहा शर्मा ने बुडापेस्ट में आयोजित इंटरनेशनल रेसलिंग चैंपियनशिप में रजत पदक जीता, जबकि सुश्री कोमल ने थाईलैंड में आयोजित ‘अंडर-20 एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप’ में कांस्य पदक हासिल किया। शूटिंग में भी पश्चिम रेलवे के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी रहा और सुश्री सोनम मस्कर ने चीन में आयोजित ‘ISSF वर्ल्ड कप’ में कांस्य पदक जीतकर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। पश्चिम रेलवे के सात खिलाड़ियों का चयन विभिन्न स्पर्धाओं में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए आगामी 20वें एशियन गेम्स 2026, जापान के लिए हुआ है।
पश्चिम रेलवे की मान्यता प्राप्त ट्रेड यूनियनों और एसोसिएशनों ने प्रशासन और कर्मचारियों के बीच सौहार्दपूर्ण औद्योगिक संबंध बनाए रखने में सकारात्मक और रचनात्मक भूमिका निभाई है। उनके निरंतर सहयोग, बिना शर्त समर्थन और महत्वपूर्ण योगदान के लिए आभार व्यक्त किया गया।
वेस्टर्न रेलवे विमेन्स वेलफेयर ऑर्गनाइजेशन (WRWWO) रेलवे कर्मचारियों और उनके परिवारों के समग्र विकास एवं कल्याण के लिए लगातार काम कर रहा है। कर्मचारियों के बच्चों के कौशल विकास के लिए विभिन्न रचनात्मक प्रतियोगिताओं के आयोजन से लेकर कठिन परिस्थितियों में कार्य करने वाले उत्कृष्ट कर्मचारियों और महिला कर्मचारियों को सम्मानित करने तक, इस संगठन ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। WRWWO की पूरी टीम के सराहनीय और नेक प्रयासों के लिए भी आभार व्यक्त किया गया।
स्वतंत्रता दिवस संदेश के अंत में पश्चिम रेलवे के प्रत्येक सदस्य की निष्ठा और मेहनत की सराहना करते हुए उपलब्धियों के साथ आगे भी उत्कृष्टता और प्रगति के लिए नए संकल्प के साथ काम करने का आह्वान किया गया। सामूहिक प्रयासों से पश्चिम रेलवे के भारतीय रेलवे और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हुए नई ऊंचाइयां हासिल करने का भरोसा जताया गया। अंत में रेलवे कर्मचारियों और उनके परिवारों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी गईं।