गांधीधाम रेलवे अस्पताल में 66 वर्षीय महिला के 3 किलो के विशाल ओवेरियन ट्यूमर का सफल ऑपरेशन
66 वर्षीय महिला के पेट से लगभग 3 किलोग्राम वज़न और 20×18" सेमी" आकार के विशाल ओवेरियन ट्यूमर का गांधीधाम रेलवे अस्पताल में सफल ऑपरेशन किया गया। बिना रेफर किए स्थानीय स्तर पर हुई इस जटिल सर्जरी के बाद मरीज की हालत स्थिर है और बायोप्सी रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
तस्वीर में गांधीधाम रेलवे अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में डॉक्टरों की टीम एक मरीज के पास खड़ी नजर आ रही है।
पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल के उप-मंडल रेलवे अस्पताल, गांधीधाम ने 28 जुलाई 2026 को उच्च स्तरीय चिकित्सा विशेषज्ञता और आधुनिक सुविधाओं का परिचय देते हुए एक जटिल और उच्च-जोखिम वाली सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न की। डॉक्टरों की टीम ने 66 वर्षीय महिला के पेट से लगभग 3 किलोग्राम वज़न और 20×18" सेमी" आकार के दुर्लभ एवं विशाल ओवेरियन ट्यूमर (Giant Ovarian Mass) को सुरक्षित बाहर निकालकर बड़ी चिकित्सीय उपलब्धि हासिल की। इस सफल सर्जरी के कारण मरीज को किसी उच्च केंद्र (Higher Centre) रेफर करने की आवश्यकता नहीं पड़ी और स्थानीय स्तर पर ही उसका संपूर्ण उपचार किया गया।
जानकारी के अनुसार 66 वर्षीय महिला पेट में तेज दर्द और सूजन की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंची थीं। जांच के दौरान उनके पेट में एक अत्यंत बड़े ट्यूमर (Mass) की पुष्टि हुई। मरीज की अधिक उम्र और ट्यूमर के विशाल आकार को देखते हुए यह सर्जरी अत्यंत जोखिमपूर्ण मानी जा रही थी, क्योंकि इसमें रक्तस्राव सहित अन्य जटिलताओं की आशंका अधिक थी।
रेलवे अस्पताल, गांधीधाम के ऑपरेशन थिएटर में डॉ. जिग्नेश मेहता (HVS) के नेतृत्व में डॉक्टरों की टीम ने एक्सप्लोरेटरी लेपरोटॉमी (Exploratory Laparotomy) की जटिल प्रक्रिया को स्पाइनल एनेस्थीसिया (Spinal Anaesthesia) के अंतर्गत सफलतापूर्वक पूरा किया। सर्जरी के दौरान किसी भी प्रकार की जटिलता सामने नहीं आई और पूरे ट्यूमर को सुरक्षित तरीके से शरीर से बाहर निकाल दिया गया।
सर्जरी के बाद मरीज की रिकवरी संतोषजनक बताई गई है। वर्तमान में उनकी स्थिति पूरी तरह स्थिर है और वह डॉक्टरों की निगरानी में हैं। आगे की चिकित्सीय प्रक्रिया के तहत ट्यूमर के नमूने को बायोप्सी (Histopathological Examination) के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है, ताकि कैंसर (Malignancy) की संभावना को पूरी तरह खारिज (Rule out) किया जा सके। बायोप्सी रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद आगे के उपचार की दिशा तय की जाएगी।
यह सफलता उप-मंडलीय रेलवे अस्पतालों की बढ़ती चिकित्सा क्षमताओं का महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही है। सामान्यतः इतने बड़े और जटिल ट्यूमर के मामलों में मरीजों को सुपर-स्पेशलिटी अस्पतालों या निजी मेडिकल सेंटरों में रेफर किया जाता है, लेकिन गांधीधाम रेलवे अस्पताल में इस दुर्लभ सर्जरी का सफल निष्पादन इस बात का प्रमाण है कि पश्चिम रेलवे अपने कर्मचारियों और उनके परिजनों को उनके निकटतम स्थान पर ही सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।