हनुमानगढ़: बैंक बीसी के लिए साइबर सुरक्षा और डिजिटल बैंकिंग कार्यशाला
भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा हनुमानगढ़ में आयोजित मित्रवत कार्यक्रम में 50-60 बैंक बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट्स को सुरक्षित डिजिटल लेनदेन और वित्तीय योजनाओं का प्रशिक्षण दिया गया।
हनुमानगढ़ आरसेटी परिसर में आयोजित कार्यशाला में साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण लेते बैंक बीसी।
हनुमानगढ़ में बैंकिंग सेवाओं को ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंचाने वाले बैंक बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट्स (बीसी) को साइबर सुरक्षा, डिजिटल बैंकिंग और विभिन्न बैंकिंग योजनाओं के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। भारतीय रिजर्व बैंक, वित्तीय समावेशन एवं विकास विभाग, जयपुर की ओर से बुधवार को हनुमानगढ़ जंक्शन स्थित आरसेटी परिसर में मित्रवत – Bank MITRA Vocational Advancement Training (MITRAVAT) कार्यक्रम के अंतर्गत यह कार्यशाला आयोजित हुई। इसमें जिले के लगभग 50-60 बैंक बीसी ने भाग लिया।
कार्यक्रम में भारतीय रिजर्व बैंक के अग्रणी जिला अधिकारी श्री रवि गहलावत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। राजस्थान ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक श्री मनोज सर्वा, आरबीओ-5 के मुख्य प्रबंधक श्री पी.सी. कुमावत, आरबीओ-6 के मुख्य प्रबंधक श्री संदीप शर्मा और आरसेटी निदेशक श्री बिधु शंकर विशिष्ट अतिथि रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अग्रणी बैंक कार्यालय के मुख्य प्रबंधक श्री सुरेंद्र सिंह ने की।
मुख्य अतिथि श्री रवि गहलावत ने कहा कि ग्रामीण एवं दूरदराज के क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने में बैंक बीसी महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने बैंक बीसी से आमजन को विभिन्न बैंकिंग और सरकारी योजनाओं की सही जानकारी उपलब्ध कराने तथा अधिकाधिक लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने विशेष रूप से साइबर धोखाधड़ी से बचाव, सुरक्षित डिजिटल लेनदेन और ग्राहकों में वित्तीय जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
अध्यक्षीय संबोधन में श्री सुरेंद्र सिंह ने बैंक बीसी को पारदर्शिता, बेहतर ग्राहक संवाद और प्रभावी कार्यप्रणाली अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बैंकिंग सेवाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दिया। वहीं, विशिष्ट अतिथि श्री मनोज सर्वा, श्री पी.सी. कुमावत और श्री संदीप शर्मा ने बैंक बीसी की कार्यक्षमता बढ़ाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार करने को लेकर अपने विचार रखे। आरसेटी निदेशक श्री बिधु शंकर ने प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यशाला के दौरान बचत खाते, ऋण योजनाएं, वित्तीय समावेशन, डिजिटल बैंकिंग, साइबर सुरक्षा और बैंकिंग क्षेत्र में हो रहे नवाचारों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। इसमें विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधियों के साथ कॉरपोरेट बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट्स ने भी सहभागिता की।
कार्यशाला के माध्यम से बैंक बीसी को सुरक्षित बैंकिंग व्यवहार, डिजिटल लेनदेन और सरकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुंचाने के लिए प्रशिक्षित किया गया। बैंकिंग सेवाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने और साइबर धोखाधड़ी के प्रति जागरूकता बढ़ाने में बैंक बीसी की भूमिका इस प्रशिक्षण का प्रमुख केंद्र रही।