सवाई माधोपुर: बौंली लोक अदालत में 145 मामलों का निस्तारण
राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले की बौंली अदालत में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 145 मामलों का निपटारा हुआ और 50 लाख रुपये से अधिक की राशि वसूल की गई।
बौंली न्यायालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान प्रकरणों का निस्तारण करते जज व अधिवक्ता।
राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले के बौंली न्यायालय परिसर में 10 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस वर्ष की तृतीय राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 145 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। इनमें बैंकों के 42 प्रकरणों के निस्तारण से 50,00,000 रुपये प्राप्त हुए, जबकि बीएसएनएल के दो प्रकरणों का निस्तारण कर 800 रुपये प्राप्त किए गए। लोक अदालत में राजीनामा योग्य फौजदारी, एनआई एक्ट और भरण-पोषण से जुड़े मामलों का भी निस्तारण किया गया।
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर एवं अध्यक्ष व सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, सवाई माधोपुर के निर्देशानुसार आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत की अध्यक्षता विकास नेहरा, वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, बौंली ने की। लोक अदालत में पैनल अधिवक्ता गणपत लाल गुर्जर सदस्य के रूप में उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय लोक अदालत बेंच बौंली के अध्यक्ष विकास नेहरा ने बताया कि लोक अदालत विवादों के निस्तारण का शीघ्र और आसान तरीका है। इसके माध्यम से पक्षकार आपसी सहमति से अपने प्रकरणों का निस्तारण करा सकते हैं। शनिवार को आयोजित लोक अदालत में कुल 145 प्रकरणों का निस्तारण किया गया और सभी पक्षकार खुश नजर आए।
लोक अदालत में बैंकों से संबंधित 42 प्रकरणों का निस्तारण हुआ, जिनसे बैंकों को 50,00,000 रुपये प्राप्त हुए। वहीं, भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के दो प्रकरणों का निस्तारण किया गया, जिससे बीएसएनएल को 800 रुपये प्राप्त हुए। न्यायालय के राजीनामा योग्य फौजदारी के 78 प्रकरण, एनआई एक्ट के चार प्रकरण और भरण-पोषण के 19 प्रकरण भी निस्तारित किए गए।
इस अवसर पर वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, बौंली के रीडर जालिम सिंह, तालुका लिपिक गणपत सैनी, सिविल लिपिक दीनदयाल रैगर, प्रतिलिपि लिपिक राजेश कुमार बैरवा और तामील कुनिंदा फतेह सिंह गुर्जर सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।
लोक अदालत में पैनल अधिवक्ता गणपत लाल गुर्जर के साथ स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, राजस्थान ग्रामीण बैंक, केनरा बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के मैनेजर व कर्मचारी भी मौजूद रहे। इसके अलावा विद्युत विभाग और बीएसएनएल बौंली के अधिकारी एवं कर्मचारी, बड़ी संख्या में पक्षकार और आमजन उपस्थित रहे। राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से विभिन्न श्रेणियों के कुल 145 मामलों का निस्तारण हुआ।