करौली मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता में राजस्थान में प्रथम, जयपुर में मिला सम्मान
10 सितंबर से 10 अक्टूबर तक चलाए गए मानसिक स्वास्थ्य माह के दौरान उत्कृष्ट गतिविधियों के आधार पर करौली जिले को यह राज्य स्तरीय सम्मान मिला है।
जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में करौली जिले की टीम को मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता के लिए सम्मानित करते अधिकारी।
करौली। मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता और उत्कृष्ट गतिविधियों के क्षेत्र में करौली जिले ने राजस्थान में प्रथम स्थान हासिल किया है। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर 10 अक्टूबर को जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में जिले की टीम को इस उपलब्धि के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान 10 सितंबर से 10 अक्टूबर तक आयोजित ‘मानसिक स्वास्थ्य माह’ के दौरान आमजन को जागरूक करने के लिए संचालित गतिविधियों के आधार पर प्रदान किया गया।
राज्य स्तर पर सम्मानित टीम में मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. आर. सी. मीना, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. सतीश मीना, जिला नोडल अधिकारी (डीएनओ) डॉ. प्रेमराज मीना, साइकेट्रिक नर्स गौरव गोयल और सीआरए गौरव शर्मा शामिल रहे।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सतीश चंद मीना ने बताया कि समाज में बढ़ते मानसिक तनाव, अवसाद, चिंता और आत्महत्या की प्रवृत्तियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से राज्य सरकार के निर्देशानुसार ‘राज ममता मन दर्पण’ कार्यक्रम संचालित किया गया। इसके तहत करौली जिले के चिकित्सा संस्थानों, स्कूलों और कॉलेजों में विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं।
अभियान के दौरान वर्कशॉप, लेक्चर, पेंटिंग, डिबेट, ओपन माइक, सामूहिक शपथ और सोशल मीडिया कैंपेन के माध्यम से आमजन को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया गया। इन गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर करौली को प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ।
डॉ. सतीश चंद मीना ने कहा कि यह सम्मान जिले के सभी स्वास्थ्यकर्मियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है और पूरे जिले के लिए गौरव का विषय है।
जिला नोडल अधिकारी, मानसिक स्वास्थ्य डॉ. प्रेमराज मीना ने बताया कि मिशन निदेशक एनएचएम जोगाराम की गरिमामयी उपस्थिति में करौली की टीम को प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया।
समारोह में अतिरिक्त मिशन निदेशक टी. शुभमंगला, निदेशक जन स्वास्थ्य डॉ. रवि प्रकाश शर्मा, एसएनओ डॉ. एस. एम. स्वामी और प्रसिद्ध मनोचिकित्सक डॉ. शिव गौतम, डॉ. सुशील परमार तथा डॉ. अनिल अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
मानसिक स्वास्थ्य माह के दौरान चिकित्सा संस्थानों से लेकर शैक्षणिक संस्थानों तक संचालित जागरूकता गतिविधियों में करौली की उपलब्धि ने जिले की टीम को राज्य स्तर पर पहचान दिलाई है। यह सम्मान मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और तनाव, अवसाद, चिंता व आत्महत्या की प्रवृत्तियों की रोकथाम के लिए किए गए प्रयासों को रेखांकित करता है।