पत्रकार सुरक्षा कानून, रोजगार संरक्षण और सामाजिक सुरक्षा की मांग को लेकर प्रदेशभर के पत्रकार 28 अक्टूबर को जयपुर में एकजुट होंगे। इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (आईएफडब्ल्यूजे) के 77वें स्थापना दिवस पर सुबह 11 बजे शहीद स्मारक पर प्रदेशस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें पत्रकारों के अधिकारों और लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।

गंगापुर सिटी, मदन मोहन गर्ग। आईएफडब्ल्यूजे के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं राजस्थान प्रदेशाध्यक्ष उपेन्द्र सिंह राठौड़ ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत दिवंगत पत्रकारों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ होगी। इस दौरान पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और आजीविका से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।

राठौड़ ने दिल्ली में पत्रकारों के साथ कथित हिंसा, दुर्व्यवहार और उत्पीड़न की घटनाओं की निंदा करते हुए इन मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान और आजीविका सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कानून बनाना समय की आवश्यकता है।

उन्होंने पत्रकारों के वेतन, सेवा शर्तों, रोजगार सुरक्षा और सामाजिक सुरक्षा के लिए ठोस कानूनी व्यवस्था बनाने की मांग उठाई। इसके साथ ही राष्ट्रीय पत्रकार रजिस्टर गठित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। राठौड़ ने कहा कि समाचार संकलन के दौरान पत्रकारों को स्वतंत्र और निर्भीक होकर कार्य करने का अधिकार मिलना चाहिए।

उन्होंने बताया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित राष्ट्रीय कार्यक्रम को वहां की परिस्थितियों और जारी परामर्शों को ध्यान में रखते हुए स्थगित कर दिया गया है। इसके स्थान पर 28 अक्टूबर को देशभर की प्रदेश इकाइयां अपने-अपने प्रदेश मुख्यालयों पर आईएफडब्ल्यूजे का स्थापना दिवस मनाएंगी। राष्ट्रीय स्तर का संयुक्त समारोह वर्ष के अंत में नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा।

राठौड़ ने राजस्थान की सभी जिला इकाइयों के पदाधिकारियों और पत्रकार साथियों से 28 अक्टूबर को जयपुर पहुंचकर कार्यक्रम में भाग लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के अधिकारों, स्वतंत्रता और आजीविका की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करना आवश्यक है। जयपुर के शहीद स्मारक पर होने वाला यह आयोजन पत्रकार सुरक्षा कानून, रोजगार संरक्षण और सामाजिक सुरक्षा सहित पत्रकारों की लंबित मांगों को लेकर संगठन की आवाज बुलंद करने का अवसर होगा।

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