उत्तराखंड में मदरसों का साप्ताहिक अवकाश शुक्रवार से बदलकर रविवार किया गया।

उत्तराखंड में मदरसों की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। राज्य में शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त और मान्यता के लिए आवेदन कर चुके मदरसों में अब शुक्रवार के बजाय रविवार को साप्ताहिक अवकाश रहेगा। इस फैसले के बाद मदरसों के संचालन और शिक्षा व्यवस्था में एकरूपता लाने के सरकार के कदम को लेकर विवाद शुरू हो गया है।

उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण ने इस संबंध में शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। यह व्यवस्था राज्य के कुल 206 मदरसों पर लागू होगी। इनमें शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त मदरसे और मान्यता के लिए आवेदन कर चुके संस्थान शामिल हैं।

अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण के अनुसार, शिक्षा विभाग से मान्यता लेने वाले मदरसों को विभाग के निर्धारित नियमों और शैक्षणिक व्यवस्था का पालन करना होगा। इसी के तहत इन संस्थानों का साप्ताहिक अवकाश भी अन्य स्कूलों की तरह निर्धारित किया गया है। अब मदरसों में सोमवार से शनिवार तक पढ़ाई होगी और रविवार को साप्ताहिक छुट्टी रहेगी।

अल्पसंख्यक विभाग के विशेष सचिव पराग धकाते ने आजतक से फोन पर बातचीत में बताया कि मदरसों का संचालन भी शिक्षा विभाग के शैक्षिक कैलेंडर के अनुसार किया जाएगा। इसके तहत शुक्रवार की छुट्टी समाप्त कर रविवार को अवकाश रखने की व्यवस्था लागू होगी।

क्यों लिया गया फैसला?

उत्तराखंड में मदरसों की शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की प्रक्रिया पहले से चल रही है। राज्य में 1 जुलाई 2026 से मदरसा बोर्ड की जगह उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण ने व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाली है। अब राज्य के अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थानों की मान्यता और शिक्षा से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी इसी प्राधिकरण के पास है।

राज्य सरकार का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में एकरूपता होनी चाहिए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी कह चुके हैं कि राज्य में ऐसा कानून लाया गया है, जिसके तहत सभी के लिए एक जैसी व्यवस्था होनी चाहिए। मदरसों में साप्ताहिक अवकाश का दिन बदलने का फैसला इसी व्यवस्था के तहत लिया गया है।

फैसले का विरोध भी शुरू

शुक्रवार का साप्ताहिक अवकाश समाप्त करने के फैसले पर विरोध भी सामने आया है। इस्लामिक मामलों के जानकारों और कांग्रेस ने इस कदम पर सवाल उठाए हैं। विरोध करने वालों का तर्क है कि मदरसों की व्यवस्था में पहले ही बड़े बदलाव हो चुके हैं और ऐसे में साप्ताहिक छुट्टी का दिन बदलने से क्या फर्क पड़ेगा।

वहीं, कांग्रेस प्रवक्ता प्रतिमा सिंह ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए उस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया है। इस तरह 206 मदरसों में साप्ताहिक अवकाश बदलने का फैसला राज्य में शिक्षा व्यवस्था की एकरूपता और मदरसों के संचालन को लेकर चर्चा का विषय बन गया है।