मुंबई के जय हिंद कॉलेज में नई मार्केटिंग लैब का उद्घाटन किया गया।   

मुंबई, 19 अक्टूबर। जय हिंद कॉलेज ने मार्केटिंग की पढ़ाई को वास्तविक उपभोक्ता डेटा और वैज्ञानिक शोध से जोड़ने की दिशा में एक नई पहल करते हुए जय हिंद कॉलेज मार्केटिंग लैब का उद्घाटन किया। यह स्नातक स्तर पर मार्केटिंग साइंस को समर्पित अपनी तरह की विशेष प्रयोगशाला है, जहां छात्र वास्तविक उपभोक्ता डेटा के आधार पर अनुभवजन्य मार्केटिंग अनुसंधान का अध्ययन करेंगे।

लैब का उद्घाटन मैनचेस्टर विश्वविद्यालय के सीनियर लेक्चरर डॉ. सौमिक पॉल की उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर कॉलेज के प्राचार्य, फैकल्टी सदस्य, बोर्ड के सदस्य श्री दीप लालवानी और इस कार्यक्रम के लिए चयनित विद्यार्थियों का पहला बैच भी मौजूद रहा।

जय हिंद कॉलेज मार्केटिंग लैब की स्थापना इस विचार के साथ की गई है कि भारत में व्यापक रूप से पढ़े जाने वाले विषय मार्केटिंग की शिक्षा लंबे समय से सैद्धांतिक ढांचों और सहज अनुमान पर आधारित रही है, जबकि बाजार और ब्रांड के व्यवहार को समझने के लिए प्रमाणों और वास्तविक आंकड़ों की जरूरत है। इस पहल की परिकल्पना कॉलेज के गवर्निंग बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. राजेश ठडानी के सहयोग से साकार हुई। उनके प्रोत्साहन से इस कार्यक्रम को संस्थागत समर्थन मिला। लैब का उद्देश्य स्नातक विद्यार्थियों को ऐसे उपकरण, डेटा और शोध पद्धति उपलब्ध कराना है, जिनकी मदद से वे बाजारों और ब्रांडों के वास्तविक व्यवहार का अध्ययन कर सकें।

लैब के लिए चयनित विद्यार्थी पूरे शैक्षणिक वर्ष के दौरान मार्केटिंग के स्थापित नियमों का अध्ययन करेंगे। इनमें लॉ ऑफ डबल जियोपर्डी और डुप्लिकेशन ऑफ परचेज लॉ शामिल हैं। विद्यार्थी उपभोक्ता डेटा के साथ काम करते हुए यह समझने का प्रयास करेंगे कि भारतीय उपभोक्ता बाजार की विभिन्न श्रेणियों में ये नियम किस तरह लागू होते हैं। शोध की प्रक्रिया वास्तविक अकादमिक अनुसंधान पद्धतियों के अनुरूप होगी। लैब की योजना अपने शोध निष्कर्षों को सहकर्मी-समीक्षित मार्केटिंग जर्नल में प्रकाशित कराने का प्रयास करने की भी है।

इस पहल का नेतृत्व जय हिंद कॉलेज के पूर्व विद्यार्थी और वर्तमान में कॉलेज में विज्ञापन एवं मार्केटिंग के विजिटिंग फैकल्टी यश चंदीरमानी कर रहे हैं। वह मुंबई स्थित स्वतंत्र क्रिएटिव एजेंसी Admatazz के संस्थापक हैं। इस एजेंसी को हाल ही में यंग एजेंसी ऑफ द ईयर सहित उद्योग जगत में कई अन्य सम्मान मिले हैं। Admatazz की कार्यप्रणाली मार्केटिंग साइंस और साक्ष्य-आधारित विज्ञापन के सिद्धांतों पर आधारित है।

यश चंदीरमानी ने Ehrenberg-Bass Institute के How Brands Grow Live! for Executives कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया था। इसके जरिए वह भारत के उन चुनिंदा पेशेवरों में शामिल हुए, जिन्हें मार्केटिंग के साक्ष्य-आधारित सिद्धांतों पर विशेषज्ञों से प्रत्यक्ष प्रशिक्षण प्राप्त हुआ।

लैब को एक समर्पित अकादमिक शोध मार्गदर्शक और सांख्यिकी के विजिटिंग प्रोफेसर का मार्गदर्शन भी मिलेगा। विजिटिंग प्रोफेसर मात्रात्मक शोध पद्धतियों और डेटा साइंस में विशेषज्ञता रखते हैं। यह टीम ऐसे चयनित स्नातक विद्यार्थियों के साथ काम करेगी, जिन्होंने मार्केटिंग अनुसंधान के प्रति वास्तविक जिज्ञासा और योग्यता प्रदर्शित की है।

जय हिंद कॉलेज मार्केटिंग लैब की शोध संबंधी दिशा Ehrenberg-Bass Institute for Marketing Science के प्रकाशित अनुसंधान पर आधारित है। कॉलेज की मार्केटिंग लैब ने Adelaide University स्थित Ehrenberg-Bass Institute for Marketing Science के एसोसिएट प्रोफेसर जस्टिन कोहेन के मार्गदर्शन और मेंटरशिप के लिए आभार भी व्यक्त किया।

कॉलेज के प्राचार्य डॉ. विजय डाबोलकर ने कहा, “जय हिंद कॉलेज मार्केटिंग लैब इस संस्थान की उस परंपरा का स्वाभाविक विस्तार है, जो अकादमिक महत्वाकांक्षा और अलग तरीके से काम करने की इच्छा को महत्व देती है। हमें गर्व है कि हमारे यहां ऐसा कार्यक्रम शुरू हुआ है, जो विद्यार्थियों को वास्तविक मार्केटिंग साइंस से जोड़ता है।”

जय हिंद कॉलेज में AICTE कार्यक्रमों की निदेशक डॉ. राखी शर्मा ने कहा, “हमारे विद्यार्थी केवल मार्केटिंग के बारे में पढ़ नहीं रहे हैं, बल्कि वास्तविक डेटा के साथ काम कर रहे हैं और ऐसी विश्लेषणात्मक सोच विकसित कर रहे हैं, जो उनके पूरे करियर में उनके साथ रहेगी। इस तरह के कार्यक्रम का नेतृत्व करना जय हिंद कॉलेज के लिए बिल्कुल उपयुक्त है।”

Admatazz के संस्थापक और जय हिंद कॉलेज के विजिटिंग फैकल्टी यश चंदीरमानी ने कहा, “मार्केटिंग भारत में सबसे अधिक पढ़े जाने वाले विषयों में से एक है। इसके बावजूद इसे सबसे कम समझे जाने वाले विषयों में भी गिना जा सकता है। इस लैब का उद्देश्य इसी स्थिति को बदलना है। हम वास्तविक डेटा, वास्तविक नियमों और उन विद्यार्थियों के साथ काम कर रहे हैं, जो यह समझने के लिए गंभीर हैं कि ब्रांड और बाजार किस तरह व्यवहार करते हैं। हम यहां कुछ नया और उत्साहजनक तैयार कर रहे हैं और इस पहल को कॉलेज का समर्थन मिलने के लिए आभारी हैं।”

जय हिंद कॉलेज मार्केटिंग लैब के माध्यम से स्नातक विद्यार्थियों को मार्केटिंग के स्थापित सिद्धांतों का वास्तविक उपभोक्ता डेटा के आधार पर परीक्षण करने और व्यवस्थित शोध प्रक्रिया से जुड़ने का अवसर मिलेगा। यह पहल मार्केटिंग शिक्षा में सैद्धांतिक अध्ययन के साथ प्रमाण-आधारित विश्लेषण और अकादमिक अनुसंधान को केंद्र में लाती है।