डीग जिला कारागार में तिरंगा यात्रा, बंदियों को सुधार और जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश
डीग जिला कारागार में 80वां स्वतंत्रता दिवस तिरंगा यात्रा के साथ मनाया गया। बंदियों को अपराध से दूर रहकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का संदेश दिया गया, वहीं कार्मिक अनिल को प्रशंसा-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
तस्वीर में जिला कारागार डीग परिसर के भीतर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिरंगा फहराते हुए और गार्ड की सलामी लेते हुए कारागार कर्मी नजर आ रहे हैं।
डीग, 15 अगस्त। जिला कारागार डीग में शनिवार को देश का 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास, गरिमा और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कारागार परिसर में राष्ट्रप्रेम के साथ सकारात्मक सोच का संदेश देखने को मिला। प्रभारी विकास बागोरिया के नेतृत्व में आयोजित तिरंगा यात्रा में कारागार प्रशासन के कार्मिकों के साथ बंदियों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।
तिरंगा यात्रा के दौरान कारागार परिसर देशभक्ति के भाव से ओत-प्रोत नजर आया। हाथों में तिरंगा लेकर शामिल हुए बंदियों एवं कारागार कर्मियों ने राष्ट्र के प्रति सम्मान और समर्पण की भावना व्यक्त की। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ केवल अधिकार प्राप्त करना नहीं, बल्कि अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को समझते हुए समाज के प्रति सकारात्मक भूमिका निभाना है।
समारोह के दौरान बंदियों को स्वतंत्रता दिवस के ऐतिहासिक महत्व तथा स्वतंत्रता के वास्तविक मायनों से अवगत कराया गया। उन्हें अपने अतीत की गलतियों से सीख लेने, अपराध की पुनरावृत्ति से बचने, सकारात्मक सोच अपनाने और भविष्य में समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सम्मानजनक जीवन जीने के लिए प्रेरित किया गया।
प्रभारी विकास बागोरिया ने अपने संबोधन में कहा कि स्वतंत्रता केवल अधिकारों का नाम नहीं है, बल्कि यह प्रत्येक व्यक्ति को अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को समझने का अवसर भी देती है। उन्होंने बंदियों से आह्वान किया कि वे अतीत की गलतियों को पीछे छोड़कर अपने भविष्य को बेहतर बनाने का प्रयास करें और अपराध से पूरी तरह दूरी बनाकर स्वयं को एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में स्थापित करें।
स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान जिला कारागार में सराहनीय कार्य एवं सेवाएं देने वाले कार्मिक अनिल को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। जिला कलेक्टर की ओर से उन्हें प्रशंसा-पत्र प्रदान कर उनके कार्यों की सराहना की गई। सम्मान मिलने पर कारागार प्रशासन एवं कार्मिकों में उत्साह का माहौल रहा।
कार्यक्रम का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह रहा कि स्वतंत्रता दिवस को केवल राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाने के साथ-साथ इसे बंदियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के अवसर के रूप में भी प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम ने बंदियों में आत्मविश्वास बढ़ाने, अपनी गलतियों से सीखने तथा समाज की मुख्यधारा में पुनः सम्मानजनक जीवन जीने की भावना को मजबूत किया।
समारोह का समापन राष्ट्र के प्रति समर्पण, सकारात्मक सोच अपनाने और भविष्य में जिम्मेदार नागरिक के रूप में जीवन जीने के संकल्प के साथ हुआ। जिला कारागार डीग में आयोजित इस कार्यक्रम ने सुधार और पुनर्वास की भावना के साथ किए गए प्रयासों के माध्यम से बंदियों को नई दिशा देने का संदेश दिया।