डीग, 26 अगस्त। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत कार्मिकों को पिछले करीब 10 माह से समय पर वेतन नहीं मिल रहा है। हर माह वेतन भुगतान में हो रही देरी से एनएचएम कार्मिकों में लगातार आक्रोश बढ़ रहा है। कार्मिकों का कहना है कि नियमित रूप से अपनी सेवाएं देने के बावजूद उन्हें वेतन के लिए हर माह इंतजार करना पड़ रहा है।

कार्मिकों के अनुसार एसएनए पोर्टल लागू होने के बाद से वेतन भुगतान की प्रक्रिया प्रभावित हुई है। वर्तमान में अधिकतर कार्मिकों को प्रत्येक माह करीब 20 से 25 दिन बाद वेतन प्राप्त हो रहा है। महीने के अंतिम सप्ताह में वेतन मिलने के कारण अल्प वेतनभोगी कार्मिकों के सामने घरेलू खर्च, बच्चों की फीस, किराया सहित अन्य आवश्यक भुगतान समय पर करने में परेशानी आ रही है।

कार्मिकों का कहना है कि एनएचएम के तहत कार्यरत बड़ी संख्या में कर्मचारी संविदा पर हैं। कई कर्मचारी अल्प वेतन पर सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में महीने की शुरुआत में मिलने वाला वेतन उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। पिछले कई महीनों से वेतन समय पर नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

एनएचएम कार्मिक जिलाध्यक्ष बृज बिहारी सिंह ने बताया कि यह समस्या एक-दो महीने की नहीं है, बल्कि पिछले करीब 10 माह से बनी हुई है। वेतन भुगतान समय पर नहीं हो रहा है और हर माह वेतन मिलने की तारीख आगे खिसक रही है। इससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।

उन्होंने बताया कि एनएचएम कार्मिक स्वास्थ्य विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। नियमित रूप से सेवाएं देने के बावजूद वेतन भुगतान में लगातार हो रही देरी से कार्मिकों के सामने आर्थिक परेशानियां बनी हुई हैं। माह के आखिरी सप्ताह तक वेतन दिए जाने की स्थिति ने कर्मचारियों की चिंता और असंतोष को बढ़ा दिया है।

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