तस्वीर में डीग जिले के जलभराव वाले क्षेत्र में जिला कलक्टर मयंक मनीष अधिकारियों के साथ छाता लेकर निरीक्षण करते हुए नजर आ रहे हैं।

डीग, 7 अगस्त। जिले में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश और बीते 24 घंटों में सर्वाधिक वर्षा दर्ज होने के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। जिला कलक्टर मयंक मनीष ने शुक्रवार को उपखंड सीकरी एवं पहाड़ी क्षेत्र के जलभराव संभावित और प्रभावित इलाकों का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया।

जिला कलक्टर ने सीकरी कस्बे के भगत सिंह चौराहा, सीकरी राजकीय चिकित्सालय, पहाड़ी रोड पर पोखर के समीपवर्ती क्षेत्रों सहित कई प्रमुख स्थानों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने जल निकासी व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा से जुड़े कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने भगत सिंह चौराहा स्थित नाले की सफाई कराने तथा सीकरी चिकित्सालय परिसर में खिड़की के क्षतिग्रस्त लेंटर की तत्काल मरम्मत कराने के लिए नगरपालिका के कनिष्ठ अभियंता को पाबंद किया। वहीं, पहाड़ी रोड स्थित पोखर के समीप जलभराव की समस्या से निपटने के लिए उच्च क्षमता वाले मड पंप तैनात करने के निर्देश दिए, जिससे बारिश के पानी की तेजी से निकासी सुनिश्चित की जा सके।

स्थिति की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर मयंक मनीष ने बताया कि पिछले दो दिनों से जिलेभर में भारी बारिश हो रही है और बीते 24 घंटों में पूरे राजस्थान में सर्वाधिक वर्षा डीग जिले में दर्ज की गई है। अतिवृष्टि की स्थिति को देखते हुए सीकरी और पहाड़ी क्षेत्र के उन स्थानों का विस्तृत निरीक्षण किया गया है, जहां जलभराव की समस्या सामने आ रही है।

उन्होंने बताया कि पहाड़ी क्षेत्र में बारिश तथा सीकरी की ओर से आ रहे पानी की अधिक आवक को देखते हुए कट्स बनवाकर जल निकासी कराई जा रही है। साथ ही इन कट्स के आसपास आवागमन को सुरक्षित और सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। आपात परिस्थितियों से निपटने के लिए संभावित आश्रय स्थलों को चिन्हित कर लिया गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था तुरंत की जा सके।

जिला कलक्टर ने बताया कि पहाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा और राहत कार्यों के लिए सिविल डिफेंस की टीम पहले ही तैनात कर दी गई है। वहीं, सीकरी में जलभराव संभावित बिंदुओं की समीक्षा के बाद उपखंड अधिकारी, नगरपालिका ईओ, सार्वजनिक निर्माण विभाग और सिंचाई विभाग की संयुक्त टीमों को पूरी तैयारी और सतर्कता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अतिरिक्त कैथवाड़ा बांध में जल आवक लगातार जारी है और जलस्तर क्षमता के सापेक्ष 4 फीट तक पहुंच गया है। सिंचाई विभाग की टीम को अलर्ट पर रखा गया है। बांध के गेट खोले जाने की स्थिति को देखते हुए निचले इलाकों के गांवों, पंचायतों और प्रशासनिक अधिकारियों को सतर्क कर दिया गया है, ताकि किसी भी परिस्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।

जिला प्रशासन ने जिले के सभी नागरिकों से अतिवृष्टि के दौरान जलभराव वाले स्थानों, नालों और बांधों से दूर रहने की अपील की है। साथ ही सभी विभागीय टीमों को त्वरित राहत मोड में कार्य करने के लिए पाबंद किया गया है। निरीक्षण के दौरान उपखंड अधिकारी सीकरी व नगर दुर्गाप्रसाद मीना, तहसीलदार सीकरी इन्द्राज गुर्जर, नगरपालिका ईओ हरिओम गुर्जर सहित सार्वजनिक निर्माण विभाग, नगरपालिका एवं अन्य संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी मौजूद रहे।

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